एटा/सकीट।सकीट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्थापित एक्सरे मशीन पिछले एक साल से बंद पड़ी है। लाखों रुपये की लागत से आई यह मशीन अब तक धूल फांक रही है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरी...
एटा/सकीट।सकीट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्थापित एक्सरे मशीन पिछले एक साल से बंद पड़ी है। लाखों रुपये की लागत से आई यह मशीन अब तक धूल फांक रही है। इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को मामूली जांच के लिए भी एटा जिला अस्पताल या निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है।ग्रामीण इलाकों में दुर्घटना, हड्डी टूटने या सीने की जांच कराने वाले मरीजों को सरकारी अस्पताल में सुविधा न मिलने से आर्थिक और शारीरिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने पिछले वर्ष सकीट CHC में एक्सरे मशीन लगवाई थी।
अधिकारियों ने इसे जल्द चालू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो तकनीशियन की नियुक्ति हो सकी और न ही मशीन चालू हो पाई।स्थानीय निवासी राहुल कुमार, प्रशांत कुमार, सूबेदार सिंह और चंद्रसेन का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं राम खिलाड़ी ने बताया कि सरकारी जांच न होने से मजबूरन निजी केंद्रों पर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं।इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सकीट के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि “एक्सरे मशीन पिछले वर्ष आई थी, लेकिन तकनीशियन की तैनाती न होने से संचालन शुरू नहीं हो सका है। उच्च अधिकारियों को कई बार पत्र भेजे गए हैं, उम्मीद है कि नवंबर माह के अंत तक एक्सरे सुविधा शुरू हो जाएगी।”