एटा। जनपद में सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में गंजडुंडवारा रोड पर बहानपुर गांव के पास हुई दुर्घटना में 39 वर्षीय युवक अजय कुमार की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दि...
एटा। जनपद में सड़क हादसों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में गंजडुंडवारा रोड पर बहानपुर गांव के पास हुई दुर्घटना में 39 वर्षीय युवक अजय कुमार की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण इलाकों में तेज रफ्तार वाहन, खराब सड़कें और रात के समय अपर्याप्त रोशनी इन हादसों का मुख्य कारण बनती जा रही हैं। तेज रफ्तार और लापरवाही से बढ़ रहे हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश दुर्घटनाएं तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग के कारण होती हैं। कई चालक रात के समय बिना हेडलाइट के या गलत साइड से वाहन चलाते हैं। वहीं, सड़क किनारे पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित लेन नहीं है।
सड़क पर रोशनी की कमी से बढ़ता खतरा
गांवों से गुजरने वाले प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों की कमी के चलते रात में विजिबिलिटी बहुत कम होती है। इससे वाहन चालकों को सामने आने वाले व्यक्ति या अवरोध का पता समय रहते नहीं चल पाता। बहानपुर हादसे में भी यही प्रमुख कारण माना जा रहा है।
पुलिस जांच और प्रशासनिक चुनौतियां
कोतवाली देहात थाना प्रभारी जितेंद्र पाल सिंह गौतम ने बताया कि हादसे में अज्ञात वाहन चालक फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जिले में बढ़ते हादसों को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की जरूरत है।
समाधान की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर सड़कों पर स्पीड मॉनिटरिंग कैमरे लगाए जाएं, रात में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था हो और पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ बने, तो हादसों में काफी कमी लाई जा सकती है। एटा जिले में हर साल सैकड़ों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा रहे हैं। अब समय आ गया है कि प्रशासन, पुलिस और आम नागरिक मिलकर इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि कोई और परिवार अपने सदस्य को इस तरह न खोए।