एटा जनपद के जलेसर तहसील क्षेत्र के नगवाईं गांव निवासी सीआरपीएफ हवलदार राजेश कुमार यादव का झारखंड के चाईबासा में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। यह दुखद घटना शनिवार सुबह करीब 5 बजे हुई।र...
एटा जनपद के जलेसर तहसील क्षेत्र के नगवाईं गांव निवासी सीआरपीएफ हवलदार राजेश कुमार यादव का झारखंड के चाईबासा में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। यह दुखद घटना शनिवार सुबह करीब 5 बजे हुई।
रविवार रात करीब 9 बजे उनका पार्थिव शरीर नगवाईं गांव पहुंचा। शव को तिरंगे में लपेटकर लाया गया, और गांव की गलियों को तिरंगे और फूलों से सजाया गया। लोगों ने “भारत माता की जय” और “राजेश अमर रहें” के नारे लगाकर अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस अवसर पर एसडीएम भावना विमल, सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, तहसीलदार संदीप सिंह, नायब तहसीलदार शाश्वत अग्रवाल और थाना प्रभारी अमित कुमार तोमर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सीआरपीएफ की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने साथी को सलामी दी।
राजेश कुमार यादव साल 1995 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे और वर्तमान में झारखंड के छोटानागरा कैंप (चाईबासा) में तैनात थे। वे 3 नवंबर को अपने गांव आए थे, जहां उन्होंने बड़े भाई स्वर्गीय विजय पाल सिंह की नातिनी की शादी में भाग लिया था। 4 नवंबर को ड्यूटी पर रवाना हुए और 6 नवंबर को कैंप पहुंचे।
7 नवंबर की रात ड्यूटी के दौरान वे अचानक अचेत हो गए। साथियों ने उन्हें मृत अवस्था में पाया। डॉक्टरों ने मौत का कारण हृदय गति रुकना (कार्डियक अरेस्ट) बताया।
राजेश कुमार अपने पीछे चार बेटे, तीन पोते और दो पोतियां छोड़ गए हैं।
उनके पुत्र अनकूल यादव ने बताया —
“पिता अक्सर कहा करते थे कि वर्दी पहनना आसान नहीं होता, लेकिन देश की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।”