एटा में परिवार के खिलाफ जाकर जिससे लव मैरिज की, उसी को मार डाला। घरेलू विवाद के चलते पहले गला घोटकर हत्या की। फिर सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया और रात के अंधेरे में साथियों के साथ मिलकर अवशेषों को...
एटा में परिवार के खिलाफ जाकर जिससे लव मैरिज की, उसी को मार डाला। घरेलू विवाद के चलते पहले गला घोटकर हत्या की। फिर सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया और रात के अंधेरे में साथियों के साथ मिलकर अवशेषों को जमीन के अंदर दफना दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी 11 दिनों तक बेखौफ घूमता रहा। रोजमर्रा की तरह ऑफिस जाता, दिन के रूटीन काम करता। किसी को भनक तक नहीं लगने दी। इस बीच पड़ोसियों ने सीसीटीवी में जले हुए शव को ले जाते वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
पड़ोसियों ने महिला की मां को इसकी सूचना दी। उन्होंने एटा पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। वारदात के 13 दिन बाद सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने आरोपी और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना जिला मुख्यालय से महज एक किलोमीटर दूर नगर कोतवाली क्षेत्र के प्रेम नगर मोहल्ले की है।
एटा के नगर कोतवाली क्षेत्र में प्रेम नगर मोहल्ला निवासी राजेश प्रताप सिंह उर्फ राजू की 2009 में कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र की रहने वाली प्रगति मिश्रा से मुलाकात हुई थी। दोस्ती हुई और धीरे-धीरे दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे। दोनों परिवार रिश्ते के खिलाफ में थे।
2011 में राजेश और प्रगति ने घर से भागकर शादी कर ली। शुरुआत में दोनों कानपुर के नौबस्ता थानांतर्गत रावतपुर में ही किराये का मकान लेकर रह रहे थे। मार्च 2025 में राजेश, प्रगति को लेकर एटा के प्रेमनगर में आ गया और किराये के मकान में रहने लगा।
कानपुर में रहने वाली सास निर्मला ने बताया- शादी के कुछ दिनों के बाद से ही राजेश और प्रगति में विवाद शुरू हो गया था। वह अक्सर प्रगति को मारता-पीटता था। प्रगति ने कई बार फोन कर ये बात बताई थी।
16 नवंबर को प्रेमनगर से एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया कि आपकी बेटी का मर्डर हो गया है। उसके पति ने उसे मार डाला है। आप एटा आ जाइए। मैं तुरंत एटा पहुंची। राजेश के पड़ोसियों ने बताया कि 4-5 नवंबर की रात में ही प्रगति का मर्डर कर दिया गया था। सीसीटीवी फुटेज भी दिखाया। फुटेज में राजेश और उसके दो दोस्त प्रगति के जले हुए शव को ले जाते दिखे।
निर्मला ने 17 नवंबर को नगर कोतवाली में राजू समेत 6 लोगों चेतेन्द्र उर्फ चेतन (देवर), कुंवरपाल (ससुर), मुन्नालाल (राजू का मामा), शोभाराम (सहयोगी) और दिनेश (शोभाराम का बेटा) के खिलाफ हत्या, शव दहन और साजिश के गंभीर आरोप में फिर दर्ज कराई। फुटेज के आधार पर पुलिस ने 18 नवंबर को राजेश और उसके एक सहकर्मी शोभाराम को गिरफ्तार किया।