नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज से दो दिवसीय लैंडिंग और टेकऑफ ट्रायल शुरू हो गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम एयर नेविगेशन और संचार प्रणालियों की जांच के लिए कैलिब्रेशन फ्लाइट का प...
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आज से दो दिवसीय लैंडिंग और टेकऑफ ट्रायल शुरू हो गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की टीम एयर नेविगेशन और संचार प्रणालियों की जांच के लिए कैलिब्रेशन फ्लाइट का परीक्षण करेगी। इस दौरान कुल पाँच विमानों की टेकऑफ और लैंडिंग की जाएगी, जिससे हवाई यातायात नियंत्रण और तकनीकी उपकरणों की सटीकता का मूल्यांकन किया जा सके।
यह ट्रायल नोएडा एयरपोर्ट के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह वाणिज्यिक उड़ानों की अनुमति से पहले की अंतिम प्रक्रिया का हिस्सा है। सफल ट्रायल के बाद एयरपोर्ट को DGCA से एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने की संभावना है, जो किसी भी हवाई अड्डे के लिए परिचालन की आधिकारिक मंजूरी होती है।
एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कैलिब्रेशन फ्लाइट में रेडियो नेविगेशन, रनवे लाइट्स, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एयर ट्रैफिक कंट्रोल कम्युनिकेशन की जांच की जाएगी। सभी पैरामीटर निर्धारित मानकों पर खरे उतरने के बाद एयरपोर्ट को हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी 9 दिसंबर 2024 को नोएडा एयरपोर्ट पर ट्रायल किया गया था, जिसमें कई तकनीकी परीक्षण पूरे किए गए थे। इस बार DGCA की टीम अंतिम जांच कर रही है ताकि आगामी महीनों में एयरपोर्ट पर वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन शुरू किया जा सके।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट उत्तर भारत के सबसे बड़े एविएशन प्रोजेक्ट्स में से एक है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला है।