शाहजहांपुर / जैतीपुर।सरकार भले ही स्वच्छता, विकास और जलनिकासी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ग्राम पंचायत मकरंदपुर के अंतर्गत आने वाला नौगमा गोविंदपुर ...
शाहजहांपुर / जैतीपुर।
सरकार भले ही स्वच्छता, विकास और जलनिकासी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। ग्राम पंचायत मकरंदपुर के अंतर्गत आने वाला नौगमा गोविंदपुर गांव आज भी मूलभूत सुविधा नाली से वंचित है। हालात ऐसे हैं कि गांव की सड़कों पर घर-घर से निकलने वाला गंदा पानी बह रहा है और महीनों से जलभराव बना हुआ है।
नाली न होने के कारण मुन्ना लाल के घर से संदीप के घर तक करीब 40 से अधिक परिवार नारकीय हालात में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। जगह-जगह गंदा पानी जमा रहने से बदबू, मच्छरों और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर पंचायत, ब्लॉक और जिला प्रशासन को कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दी गईं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। आज तक न तो नाली निर्माण शुरू हुआ और न ही जलनिकासी की कोई ठोस व्यवस्था की गई।
ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि स्वच्छ भारत मिशन, ग्राम विकास योजना और जलनिकासी के लिए आया बजट आखिर कहां गया? क्या प्रशासन किसी बड़ी बीमारी या हादसे के बाद ही जागेगा? यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो इसके लिए पूरी जिम्मेदारी पंचायत से लेकर जिला प्रशासन की होगी।
अब देखना यह है कि प्रशासन इस खबर को चेतावनी के रूप में लेता है या फिर नौगमा गोविंदपुर को यूं ही गंदगी और बीमारी के भरोसे छोड़ दिया जाता है।