सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर0 ने आज कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, परसिया, विकास खण्ड शोहरतगढ़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की शैक्षिक स्थिति, भोजन की...
सिद्धार्थनगर: जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर0 ने आज कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, परसिया, विकास खण्ड शोहरतगढ़ का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं की शैक्षिक स्थिति, भोजन की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था एवं विद्यालय की समग्र व्यवस्थाओं की समीक्षा करना था।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले कक्षा 6 एवं 7 में पहुँचकर छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, पुस्तकें एवं विद्यालय में उपलब्ध अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उपस्थिति पंजिका का अवलोकन भी किया गया। जिलाधिकारी ने देखा कि कुछ छात्राएँ निर्धारित ड्रेस एवं जूता–मोजा पहनकर नहीं आई थीं। इस पर उन्होंने संबंधित अध्यापिका को निर्देश दिया कि सभी छात्राओं को समय पर ड्रेस, जूता–मोजा एवं आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए, ताकि अनुशासन एवं एकरूपता बनी रहे।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने विद्यालय में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने स्वयं भोजन का स्वाद लेकर देखा। मौके पर दोपहर के नाश्ते में केवल सूखी सब्जी, चावल एवं दाल उपलब्ध थी, जबकि मेन्यू के अनुसार रायता एवं सलाद की व्यवस्था नहीं थी। इस पर उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि छात्राओं को संतुलित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना विद्यालय प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। भोजन की गुणवत्ता में कमी एवं आवश्यक खाद्य पदार्थों की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई।
भंडारण कक्ष का निरीक्षण करने पर वहां साफ-सफाई की स्थिति अत्यंत खराब पाई गई। खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री उचित ढंग से व्यवस्थित न होने तथा गंदगी पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इसे भी गंभीरता से लिया। उन्होंने खण्ड शिक्षा अधिकारी शोहरतगढ़ को तत्काल प्रभाव से स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। साथ ही प्रधान वार्डन नीलम चतुर्वेदी, मृदुलेश, रूबी यादव, सरिता, प्रीति जायसवाल, चंदा कुमारी एवं लेखाकार विनय कुमार सिंह से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने के आदेश दिए।
निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने विद्यालय प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया कि छात्राओं की शिक्षा, भोजन एवं आवास से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कस्तूरबा विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित वर्ग की बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। यदि इस उद्देश्य में बाधा डालने वाली कोई भी कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
इस औचक निरीक्षण से विद्यालय प्रशासन में हड़कंप मच गया तथा अधिकारियों-कर्मचारियों को भविष्य में पूरी जिम्मेदारी एवं ईमानदारी से कार्य करने की चेतावनी भी मिल गई।
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