जिलाधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर :सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व से नियुक्त शिक्षकों पर लिए गए निर्णय के तहत टीईटी (TET) की अनिवार्यता लागू कर दी गई है। आदेश के अनुसार शिक्षकों को 2 वर्ष के भीतर टी...
जिलाधिकारी कार्यालय, सिद्धार्थनगर :
सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व से नियुक्त शिक्षकों पर लिए गए निर्णय के तहत टीईटी (TET) की अनिवार्यता लागू कर दी गई है। आदेश के अनुसार शिक्षकों को 2 वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना होगा, अन्यथा सेवा से निवृत्ति का सामना करना पड़ेगा। इस निर्णय के विरोध में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आह्वान पर देशभर में ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सिद्धार्थनगर जनपद में भी विशाल स्तर पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एकजुट होकर विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम की अगुवाई जिलाध्यक्ष आदित्य शुक्ला ने की। उनके साथ जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी, जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवपाल सिंह भी सक्रिय रूप से मौजूद रहे।
जिलाध्यक्ष आदित्य शुक्ला ने कहा कि “यह फैसला शिक्षकों की गरिमा और सम्मान पर आघात है। वर्षों से पढ़ा रहे शिक्षकों की परीक्षा से गुणवत्ता नहीं मापी जा सकती। सरकार को तुरंत इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।”
जिला महामंत्री पंकज त्रिपाठी ने कहा कि “शिक्षकों पर अचानक ऐसे नियम थोपना शिक्षा व्यवस्था को संकट में डालना है। टीईटी का प्रश्न नए अभ्यर्थियों के लिए हो सकता है, किंतु पहले से कार्यरत शिक्षकों पर इसे लागू करना अन्यायपूर्ण है।”
जिला कोषाध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि “सेवा निवृत्ति की धमकी देकर शिक्षकों पर दबाव बनाना असंवैधानिक है। यदि सरकार ने इस पर ठोस कदम नहीं उठाया तो शिक्षक समाज व्यापक आंदोलन को बाध्य होगा।”
इस अवसर पर भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और सरकार से उच्चतम न्यायालय के निर्णय पर पुनर्विचार कर आवश्यक संशोधन की मांग की। शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि यह निर्णय शिक्षकों के लिए असमान और अव्यावहारिक है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रेनु मणि त्रिपाठी, विजय भास्कर, विपुल सिंह, जे.पी. गुप्ता, आनंद पांडेय, अंजनी झा, नगीना राय, सुरेंद्र गुप्ता, नवीन पांडेय, राहुल कुमार, इमरान, अंजनी झा,धर्मेंद्र श्रीवास्तव, राकेश पांडेय, उमाकांत गुप्ता, अरुण चतुर्वेदी, गोपेश दुबे, आशीष पांडेय, हरीशंकर सिंह, संतोष पांडेय, लोकेन्द्र कुमार, संजीव कुमार, अरुण भास्कर, अजय साहू, संगीत शुक्ला, प्रवीन मिश्रा, रमेश जायसवाल,राजेश कूुमार, रीता चौधरी, रूमीश , विजयारानी, किरन उपाध्याय,बबीता गुप्ता, बबीता यादव, प्रतिभा त्रिपाठी, प्रार्थना मिश्रा, संजय कर पाठक, सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल रहे।
संपूर्ण ज्ञापन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ और जिले के शिक्षकों ने एक स्वर में शिक्षा हित और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।