सिद्धार्थनगर। पिछले 60 दिनों में जिले के विभिन्न गाँवों और कस्बों में 50 से अधिक चोरी और दर्जनों लूट की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। इन वारदातों की बढ़ती श्रृंखला ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहरा सवाल खड़...
सिद्धार्थनगर। पिछले 60 दिनों में जिले के विभिन्न गाँवों और कस्बों में 50 से अधिक चोरी और दर्जनों लूट की घटनाएँ दर्ज की गई हैं। इन वारदातों की बढ़ती श्रृंखला ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। अपराधी अब बेखौफ होकर दिन-ब-दिन सक्रिय हो रहे हैं, और लोगों का आरोप है कि पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई कर रही है, असल जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद, पुलिस का रवैया उदासीन है। कुछ मामलों में पुलिस अधिकारियों ने इन घटनाओं को अफवाह बताकर टालने की कोशिश की है।
उदाहरण के लिए, परसा-सुकुरुल्लाह गाँव में रघुपति प्रसाद जायसवाल के घर से लगभग ₹10 लाख के गहने और नकदी चोरी हो गई। वहीं, शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के बोहली गाँव में गुड्डू चौधरी के घर से भी लाखों की चोरी की घटना सामने आई है।
इसी बीच, थाना नौगढ़ के झंडेनगर गाँव में हुई चोरी के बाद ग्रामीणों ने कुछ संदिग्धों को पकड़ लिया था। लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने चोरों की बजाय पकड़ने वालों को परेशान किया और घटना को दबाने की कोशिश की।
इस बात से आहत ग्रामीणों ने गुरुवार को जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक विजय पासवान भी ग्रामीणों के समर्थन में आए और उनकी मांग को जायज ठहराया।उनकी मुख्य मांग है कि पुलिस तुरंत सक्रिय कार्रवाई करे, अपराधियों को पकड़े और दोषियों को सज़ा दे, साथ ही प्रभावितों का न्याय सुनिश्चित हो।