सिद्धार्थनगर। रेलवे द्वारा अपनी जमीन पर आवंटित किए गए दुकानों के किराए में अप्रत्याशित वृद्धि कर दिया गया है। जिससे सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन स्थित व्यापारियों में रोष व्याप्त है। छोटे &nb...
सिद्धार्थनगर। रेलवे द्वारा अपनी जमीन पर आवंटित किए गए दुकानों के किराए में अप्रत्याशित वृद्धि कर दिया गया है। जिससे सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन स्थित व्यापारियों में रोष व्याप्त है। छोटे दुकानदार इतना बढ़ा हुआ किराया कैसे जमा कर पाएंगे। यदि समय रहते इसका समाधान ना किया गया तो संगठन व्यापारियों के साथ धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।
उक्त चेतावनी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष अजय कसौधन ने दिए। वह गुरुवार को नगर पालिका सदर कार्यालय के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि दुकानों में सन् 1982 से लेकर 2025 तक रेलवे की आई डब्ल्यू बढ़नी सिद्धार्थनगर द्वारा जो भी किराया तय किया गया, हम व्यापारी देते रहे। 10 गुणा 10 की दुकान का किराया सन् 1982 से वार्षिक 403 रुपए में 7 प्रतिशतबढ़ोत्तरी के हिसाब से 31 मार्च 2025 तक 2032 रुपए जमा किया गया अब 400 गुणा बढ़ा के वार्षिक 70,000 कर दिया गया है, जो कि यहां के व्यापारियों के लिए बहुत ही अधिक है। अचानक हम व्यापारियों को आई डब्ल्यू बढ़नी द्वारा सूचित किया गया कि सिद्धार्थनगर के सर्किल रेट के हिसाब से 70,000 रुपये किराया सालाना अब देना होगा। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन से वर्तमान में हम सभी व्यापारियों की आर्थिक स्थिति सही नहीं है। व्यापारी अचानक बढे हुए किराया रेलवे (आई डब्ल्यू बढ़नी
सिद्धार्थनगर) को देने में असमर्थ हैं। हमारी समस्या का निराकरण करें, अन्यथा व्यापारी भुखमरी के कगार पर आ जायेंगें।