सिद्धार्थनगर। नौगढ़ ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आयोजित तीन दिवसीय आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण का समापन शनिवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान कर उन्हें आयु...
सिद्धार्थनगर। नौगढ़ ब्लॉक संसाधन केंद्र पर आयोजित तीन दिवसीय आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण का समापन शनिवार को संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को स्कूल से बाहर रह गए बच्चों की पहचान कर उन्हें आयु संगत कक्षाओं में नामांकित कराने तथा विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षा से जोड़ने की विस्तृत जानकारी दी गई।
बीआरसी सभागार में आयोजित प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए संदर्भदाताओं ने कहा कि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करना हम सभी की नैतिक और विभागीय जिम्मेदारी है। इसके लिए शिक्षकों को संवेदनशीलता के साथ गांव-गांव जाकर आउट ऑफ स्कूल बच्चों का चिन्हांकन करना होगा, विशेष रूप से वे बच्चे जो लंबे समय से विद्यालय से दूर हैं।
उन्होंने बताया कि ऐसे बच्चों को मुख्यधारा की पढ़ाई से जोड़ने के लिए ब्रिज कोर्स तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को अपनाना आवश्यक है। इससे बच्चों के सीखने के अंतर को दूर किया जा सकता है और उनमें पढ़ाई के प्रति रुचि व जागरूकता बढ़ाई जा सकती है।
इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी राम कुमार सिंह ने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आउट ऑफ स्कूल प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश विद्यालय से दूर हो गए हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रियता के साथ स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालय में नामांकित कराएं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य संदर्भदाता जेपी गुप्ता, शशि यादव, सुरेंद्र गुप्ता, शिवशंकर मिश्रा, अनन्त दीप यादव और रामपाल मौजूद रहे। इस दौरान प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं में ज्योति यादव, आरती चौधरी, संतोष त्रिपाठी, किरण उपाध्याय, मनीषा सरोज, प्रतिभा गुप्ता, लक्ष्मी चतुर्वेदी, वंदना सिंह, जितेन्द्र मिश्रा, दीपक श्रीवास्तव, सुभाष पांडेय, रमेश जायसवाल, शैलेश श्रीवास्तव, गौरव शुक्ला, पवन मिश्रा तथा आलोक शर्मा सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।