वाराणसी। जिला कचहरी परिसर मंगलवार को जंग का मैदान बन गया, जब बड़ी संख्या में वकील सब-इंस्पेक्टर मिथिलेश प्रजापति पर टूट पड़े। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि वकील शिव प्...
वाराणसी। जिला कचहरी परिसर मंगलवार को जंग का मैदान बन गया, जब बड़ी संख्या में वकील सब-इंस्पेक्टर मिथिलेश प्रजापति पर टूट पड़े। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बताया जा रहा है कि वकील शिव प्रताप सिंह पर हुए हमले के मामले में दरोगा मिथिलेश के खिलाफ धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत केस दर्ज हुआ था। इसी सिलसिले में उनकी गिरफ्तारी हुई और जब कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया, तभी गुस्साए वकीलों ने दरोगा पर हमला बोल दिया।
घटना का सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है, जिसमें वकीलों का समूह दरोगा को घेरकर बेरहमी से पीटता नजर आ रहा है। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन वकीलों की भारी भीड़ ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। कई सिपाही घायल हो गए। मौके पर पुलिस बल तैनात था, लेकिन वकीलों की संख्या इतनी अधिक थी कि हालात बिगड़ते चले गए।
हमले में सब-इंस्पेक्टर मिथिलेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीर माना है। वाराणसी के कैंट थाने में 10 नामजद और करीब 50 अज्ञात वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी बात को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर इतने बड़े हमले के बावजूद अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई?
कचहरी परिसर में हुई इस हिंसा से पूरे शहर में तनाव का माहौल है। वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव की यह घटना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय नागरिकों ने भी कहा कि न्याय के मंदिर में इस तरह की हिंसा निंदनीय है और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वकीलों का आरोप है कि पुलिस लगातार वकीलों के साथ दुर्व्यवहार कर रही है, जिस कारण गुस्सा फूटा।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण ने वकीलों और पुलिस के बीच टकराव को और गहरा कर दिया है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि कैसे हालात को सामान्य किया जाए और विश्वास बहाल किया जाए