अलीगढ़। नगला कलार निवासी धीरज शेरे ने गाड़ी खरीद में धोखाधड़ी होने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित के अनुसार उसने अपने बच्चों...
अलीगढ़। नगला कलार निवासी धीरज शेरे ने गाड़ी खरीद में धोखाधड़ी होने का आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित के अनुसार उसने अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए कर्ज लेकर एक ईको गाड़ी खरीदी थी, लेकिन बाद में पता चला कि गाड़ी पर पहले से फाइनेंस बकाया था।
पीड़ित धीरज शेरे पुत्र रुसतम शेरे ने बताया कि उसने राकेश निवासी खंडेहा और विनोद कुमार पुत्र बल्देव सिंह
निवासी प्रेमपुर से जट्टारी में 3.05 लाख रुपये में गाड़ी संख्या UP16 CE 2952 खरीदी थी। सौदा तय होने के बाद उसने 2.55 लाख रुपये नगद दे दिए थे, जबकि बाकी 50 हजार रुपये ट्रांसफर के समय देने की बात तय हुई थी। आरोप है कि गाड़ी पर फाइनेंस होने की बात उससे छिपाई गई और धोखे से गाड़ी बेच दी गई।
पीड़ित का कहना है कि बाद में फाइनेंस कंपनी द्वारा गाड़ी पकड़े जाने पर उसने लगभग 59,500 रुपये की बकाया राशि 8 जनवरी 2026 को जमा कर दी, लेकिन आरोप है कि विक्रेताओं ने फाइनेंस कर्मचारी से साठ-गांठ कर गाड़ी का रिलीज ऑर्डर रुकवा दिया।
धीरज शेरे ने आरोप लगाया कि विक्रेता गाड़ी और उसकी रकम दोनों हड़पने की नीयत से गाड़ी छुड़वाने में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कराकर गाड़ी वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा बनी हुई है और और पीड़ित को न्याय नहीं मिल पा रहा है ।