अलीगढ़। जमीन विवाद में न्याय की गुहार लगाते-लगाते एक गरीब परिवार को करीब नौ साल बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक उसे न्याय नहीं मिल पाया है। वर्ष 2017 में शुरू हुआ शिकायतों और अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने का सिलसिला वर्ष 2026 तक जारी है। अब परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़ित परिवार द्वारा मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को भेजे गए शिकायती प्रार्थना पत्र में गाटा संख्या 408, 409 और 410 की भूमि को लेकर विवाद उठाया गया है। परिवार का आरोप है कि उसकी जमीन पर कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस संबंध में कई बार संबंधित राजस्व अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
पटवारी पर लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने राजस्व विभाग के पटवारी देवेंद्र पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पटवारी ने दूसरे पक्ष से कथित रूप से मोटी रकम लेकर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में संबंधित पटवारी एवं दूसरे पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।
नौ साल से न्याय की राह देख रहा परिवार
परिवार का कहना है कि वर्ष 2017 से लगातार अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाते-लगाते वर्ष 2026 आ गया, लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला। लगातार परेशानी और सुनवाई न होने के कारण परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों के अनुसार, परिवार की महिलाओं की स्थिति भी चिंताजनक है। परिवार ने निराशा के चलते कुछ महिलाओं द्वारा खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किए जाने की बात भी कही है।
मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से पूरे प्रकरण की जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराने, विवादित भूमि की राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष पैमाइश कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
अब बड़ा सवाल यह है कि वर्ष 2017 से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे इस गरीब परिवार की सुनवाई आखिर कब होगी? क्या राजस्व विभाग विवादित भूमि की निष्पक्ष जांच कराकर परिवार को राहत दिलाएगा, या फिर अधिकारियों के चक्कर लगाने का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?
नौ साल का इंतजार, फिर भी न्याय की गुहार। पीड़ित परिवार को अब मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं न्यायपूर्ण कार्रवाई की उम्मीद है।











