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IPEM College Ghaziabad : 6वीं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कानून और प्रौद्योगिकी

प्रकाशित: 19 Dec 2025

IPEM लॉ अकादमी, गाज़ियाबाद द्वारा 12 एवं 13 दिसंबर 2025 को 6वीं अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “कानून और प्रौद्योगिकी: नैतिकता, विनियमन और नवाचार” का भव्य आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया। यह सम्मेलन उत्तरा यूनिवर्सिटी, ढाका (बांग्लादेश) तथा आरवी यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के सहयोग से संपन्न हुआ, जिसमें भारत सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं ने सक्रिय भागीदारी की।

सम्मेलन का उद्देश्य डिजिटल युग में कानून और प्रौद्योगिकी के बदलते स्वरूप, उनसे जुड़ी नैतिक चुनौतियों, नियामक ढांचों और नवाचार की संभावनाओं पर सार्थक संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत ऑनलाइन स्लाइड शो एवं प्रतिभागियों के जुड़ने के साथ हुई। स्वागत भाषण में प्रो. (डॉ.) सुगंधा गोयल, कार्यकारी निदेशक, IPEM ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स ने डिजिटल समाज में मजबूत कानूनी और नैतिक संरचनाओं की आवश्यकता पर बल दिया।

उद्घाटन सत्र में प्रो. विक्टर ए. मैचेहिन (कुटाफिन मॉस्को स्टेट लॉ यूनिवर्सिटी, रूस) ने मुख्य वक्तव्य देते हुए वैश्विक तकनीकी परिवर्तनों के कानूनी प्रभावों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही प्रो. (डॉ.) गुरजीत सिंह, डॉ. सैयद सादिक और प्रो. (डॉ.) सईदा अफ़रोज़ा ज़ेरिन ने एआई, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल जेंडर स्पेस और तकनीकी नैतिकता जैसे विषयों पर विचार साझा किए। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) वी.के. आहूजा, निदेशक, इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट, दिल्ली ने उत्तरदायी और अनुकूलनशील कानूनी ढांचों की आवश्यकता रेखांकित की।

सम्मेलन के दौरान चार तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। वालेडिक्टरी सत्र में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कारों की घोषणा की गई। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. पूर्णिमा चौधरी एवं प्रो. (डॉ.) योगेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुआ। समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया, जिसने कानून और प्रौद्योगिकी के भविष्य पर वैश्विक संवाद को नई दिशा प्रदान की।