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गाज़ियाबाद महिला अस्पताल के बाहर रोज़ लग रहा कूड़े का ढेर, पास में ट्रांसफार्मर से बड़ा हादसा कभी भी संभव

प्रकाशित: 29 Oct 2025

गाज़ियाबाद के महिला अस्पताल के बाहर स्वच्छता व्यवस्था की पोल खोलती एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। हर दिन अस्पताल के बाहर सड़क किनारे कूड़े का बड़ा ढेर जमा रहता है, जिससे आसपास के लोगों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार की शाम को यह दृश्य और भी भयावह नजर आया जब उसी कूड़े के ढेर के पास ही बिजली का ट्रांसफार्मर लगा हुआ दिखा। यह स्थिति किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

अस्पताल के पास ही प्रसिद्ध दूधेश्वरनाथ मंदिर  स्थित हैं, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु और आम नागरिक आते हैं। इसके बावजूद, नगर निगम द्वारा यहाँ साफ-सफाई की कोई पुख्ता व्यवस्था नहीं की गई है। सड़क किनारे पड़े कचरे से बदबू फैल रही है और मच्छरों-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों से यह स्थिति लगातार बनी हुई है और कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

कचरे के इस ढेर पर आवारा जानवर रोज़ाना कुछ न कुछ खाने आते हैं। इनमें गाय जैसी पूजनीय पशु भी शामिल हैं जो इस गंदगी में खाने को मजबूर हैं। यह दृश्य न केवल स्वच्छ भारत मिशन की भावना के विपरीत है बल्कि धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत दुखद है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर नगर निगम ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो यहाँ किसी भी समय गंभीर बीमारी फैल सकती है। मलेरिया, डेंगू और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। वहीं पास में लगे ट्रांसफार्मर के कारण यहाँ आग लगने या बिजली के झटके का भी खतरा मंडरा रहा है।

ध्यान देने योग्य बात यह है कि कुछ ही दिन पहले उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी स्वयं दूधेश्वरनाथ मंदिर आए थे। मुख्यमंत्री के आने के बाद भी नगर निगम की लापरवाही पर कोई फर्क नहीं पड़ा। सवाल उठता है कि आखिर जब मुख्यमंत्री स्तर तक ध्यान इस क्षेत्र पर जा चुका है, तो फिर भी सफाई व्यवस्था क्यों नहीं सुधर पाई?

स्थानीय समाजसेवियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में तत्काल सफाई की जाए और नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ट्रांसफार्मर के पास पड़े कचरे को तुरंत हटाया जाए ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

👉 निष्कर्ष:
गाज़ियाबाद नगर निगम की लापरवाही के कारण महिला अस्पताल और दूधेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र के लोग स्वच्छता संकट का सामना कर रहे हैं। प्रशासन से अपील है कि इस क्षेत्र में जल्द स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके और शहर स्वच्छ एवं सुरक्षित बन सके।