गाज़ियाबाद नंदग्राम में गुरुवार को भाईया दूज का पर्व धूमधाम से मनाया, परिवार में उत्साह का माहौल
गाज़ियाबाद, नंदग्राम (उत्तर प्रदेश)। गुरुवार को भाई-बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक पर्व भाईया दूज नंदग्राम क्षेत्र में बड़े उल्लास और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। सुबह से ही घर में सजावट, पूजा की तैयारी और मिठाइयों की खुशबू ने पूरे वातावरण को उत्सवी बना दिया। परिवार के सभी सदस्य इस विशेष दिन का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे।
इस वर्ष का भाईया दूज परिवार के लिए इसलिए भी खास रहा, क्योंकि यह परिवार के छोटे सदस्य Daksh की पहली भाईया दूज थी। Daksh की बहनों—Lakhi और Riddhi—ने परंपरा अनुसार अपने भाई के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी, मिठाई खिलाई और उसकी दीर्घायु की कामना की। बहनों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था, जबकि Daksh की मासूम मुस्कान ने समारोह में और भी चार चाँद लगा दिए।
परिवार के बुज़ुर्ग सदस्यों—दादा अजय कुमार और दादी सत्यावती—ने Daksh को गोद में लेकर आशीर्वाद दिया तथा कहा कि भाईया दूज जैसे पर्व बच्चों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। वे चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियाँ भी इन परंपराओं का सम्मान करते हुए इन्हें जीवंत रखें।
कार्यक्रम में दोनों बुआ—बड़ी बुआ शीतल और छोटी बुआ शालू चौधरी—भी मौजूद रहीं। उन्होंने भी भतीजे Daksh पर स्नेह बरसाया और तिलक कार्यक्रम का हिस्सा बनकर उत्साह साझा किया। परिवार की महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाए और दीपक की रौशनी ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया।
इस बार की भाईया दूज में परिवार के चहेते सदस्य चाचा शिवम ( Shivam) की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी। उन्होंने बच्चों को आशीर्वाद दिया, प्यार से उनकी भावनाएँ समझीं और भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का महत्व भी समझाया। चाचा शिवम की मौजूदगी ने विशेष ऊर्जा और खुशियों का माहौल पैदा किया।
पूरे परिवार की सामूहिक उपस्थिति ने इस पर्व को और अधिक भावनात्मक बना दिया। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि परिवार के सदस्य पूजा सामग्री, दीपक, मिठाइयाँ और रंगोली के साथ बैठकर समारोह का आनंद ले रहे हैं। सभी के चेहरों पर मुस्कुराहट और प्यार झलक रहा है।
इसके अलावा, नंदग्राम क्षेत्र के अन्य परिवारों ने भी भाईया दूज को पारंपरिक तरीके से मनाया। पड़ोसी एक-दूसरे से त्योहार की शुभकामनाएँ साझा करते नज़र आए। बुज़ुर्गों का कहना है कि ऐसे त्योहार सामाजिक एकता और पारिवारिक प्रेम को और मजबूत करते हैं।
समारोह के अंत में सभी ने मिलकर मिठाइयों का आनंद लिया और तस्वीरों एवं वीडियो में इस पल को सहेज लिया। परिवार के अनुसार, Daksh की यह पहली भाईया दूज हमेशा यादगार और भावनाओं से भरी रहेगी।
कुल मिलाकर, यह भाईया दूज नंदग्राम में परिवार के संस्कार, प्रेम और एकता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।