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CRITICON 2025 का भव्य शुभारंभ: पूर्वांचल में पहली बार स्वास्थ्य विशेषज्ञों का विराट संगम : गोरखपुर में शुरू हुआ तीन दिवसीय CRITICON 2025, जिसमें भारत समेत 9 देशों से 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा।

गोरखपुर | 04-Oct-2025 08:17 AM | 47 |
गोरखपुर
गोरखपुर में शुरू हुआ तीन दिवसीय CRITICON 2025, जिसमें भारत समेत 9 देशों से 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा।

गोरखपुर, 3 अक्टूबर 2025

पूर्वांचल के इतिहास में पहली बार स्वास्थ्य जगत के शीर्ष विशेषज्ञों का विराट संगम CRITICON 2025 के रूप में गोरखपुर में आरंभ हुआ। सम्मेलन के पहले दिन की शुरुआत युवा चिकित्सकों द्वारा शोधपत्र प्रस्तुति से हुई, जिसे देश-विदेश से आए विशेषज्ञों ने सराहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ माननीय मंत्री श्री कमलेश पासवान, सांसद एवं अभिनेता श्री रवि किशन शुक्ला, विधायक बांसगांव डॉ. विमलेश पासवान, डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, आयोजन समिति अध्यक्ष डॉ. महिम मित्तल, सह-अध्यक्ष डॉ. संतोष शर्मा (एचओडी एनेस्थीसिया, एम्स), सचिव डॉ. ए. के. मल्ल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. राम कुमार, डॉ. आशीष अग्रवाल (अध्यक्ष ISCCM उत्तर प्रदेश), वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ इंटेंसिव एंड क्रिटिकल केयर के प्रेसिडेंट-इलेक्ट डॉ. जेवियर फर्नांडेस, डॉ. ए. के. सिंह तथा संरक्षक डॉ. राजेश मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।

मंच संचालन डॉ. प्रियंका द्विवेदी (एसोसिएट प्रोफेसर, एम्स) ने किया और अतिथियों का स्वागत डॉ. संतोष शर्मा ने किया।

अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि यह पूर्वांचल के लिए ऐतिहासिक क्षण है, जब भारत के साथ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, पोलैंड, जर्मनी, सऊदी अरब, बांग्लादेश और यूएई से विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र हुए हैं।

इस अवसर पर 800 से अधिक प्रतिनिधियों, फैकल्टी और वक्ताओं ने भाग लिया। पहले दिन पेपर प्रेज़ेंटेशन, वर्कशॉप, स्किल स्टेशन और टॉक्स आयोजित किए गए।

प्रमुख आकर्षण

• डॉ. जे. एल. टेबूल का व्याख्यान – हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग पर

विश्वप्रसिद्ध विशेषज्ञ एवं हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग के जनक डॉ. जे. एल. टेबूल का इनोट्रॉप वी닝 और मॉनिटरिंग पर विशेष व्याख्यान सबसे बड़ा केंद्रबिंदु रहा।

हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग क्या है?

गंभीर मरीजों में हृदय की पंपिंग क्षमता, रक्तचाप, ऑक्सीजन आपूर्ति और रक्त प्रवाह की सतत निगरानी को हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग कहा जाता है। इसके माध्यम से डॉक्टर सही समय पर दवाओं (विशेषकर इनोट्रॉप) की मात्रा तय कर पाते हैं।

डॉ. टेबूल ने कहा:

“गंभीर मरीज की जान बचाने के लिए समय पर सही निर्णय लेना सबसे अहम है और हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग डॉक्टरों की आंख और कान का काम करती है।”

उनका व्याख्यान युवा चिकित्सकों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व प्रेरणादायक रहा।

अन्य विशेषज्ञों के सत्र

डॉ. अशरफ एल-हौफी – रेस्पिरेटरी इलनेस में एंटीबायोटिक डि-एस्केलेशन/एस्केलेशन पर विचार

डॉ. सुमारा तंत्रे – डिफिकल्ट एयरवे मैनेजमेंट पर चर्चा

डॉ. जोस चाको – आधुनिक गहन चिकित्सा तकनीकों पर व्याख्यान

अन्य अनेक अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

विशेष वर्कशॉप

ECMO

हेमोडायनामिक मॉनिटरिंग

ब्रॉन्कोस्कोपी पर प्रायोगिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम के अंत में सचिव डॉ. ए. के. मल्ल ने अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

CRITICON 2025 का पहला दिन पूर्वांचल के लिए ऐतिहासिक रहा और स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में नई रोशनी लेकर आया।

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