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अनुसंधान के परिणाम को सटीक बनाता है डेटा एनालिसिस : डॉ. अनुराग : महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ शोध पद्धति पर विशेष व्याख्यान

गोरखपुर | 02-Nov-2025 11:00 PM | 47 |
गोरखपुर
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ शोध पद्धति पर विशेष व्याख्यान

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमजीयूजी) की राष्ट्रीय सेवा योजना शिवाजी इकाई द्वारा शनिवार को शोध पद्धति व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत विश्वविद्यालय के अकादमिक ब्लॉक में विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का विषय था — रोग के भार का मापन (Measurement of Disease Burden)। मुख्य वक्ता के रूप में गोरक्षनाथ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के प्राचार्य डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य अनुसंधान में डेटा एनालिसिस और सांख्यिकीय विधियों की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की।

डॉ. अनुराग ने कहा कि अनुसंधान के परिणामों की सटीकता इस बात पर निर्भर करती है कि आंकड़ों (डेटा) का विश्लेषण किस प्रकार किया गया है। उन्होंने बताया कि ऑड्स रेशियो (Odds Ratio), प्रोबेबिलिटी मॉडल्स और रिग्रेशन एनालिसिस जैसे उपकरण आज स्वास्थ्य अनुसंधान का अभिन्न हिस्सा बन चुके हैं। इनकी सहायता से रोगों की संभावना, जोखिम कारकों और उपचार के प्रभाव का सटीक आकलन किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान में गणितीय मॉडलिंग, सांख्यिकीय परीक्षण और डेटा-आधारित विश्लेषण की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। इन तकनीकों के माध्यम से रोग नियंत्रण, निवारण और नीति निर्माण की दिशा में सटीक रणनीतियाँ तैयार की जा सकती हैं।

डॉ. अनुराग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शोध में नवाचार, तार्किक सोच और गणितीय दृष्टिकोण अपनाने से न केवल अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि समाज में व्यावहारिक परिवर्तन लाने की दिशा में भी योगदान होगा। उन्होंने छात्रों को सुझाव दिया कि वे अपने शोध कार्य में वैज्ञानिक अनुशासन का पालन करें और आंकड़ों का विश्लेषण प्रमाणिकता के साथ करें।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. अखिलेश कुमार दुबे ने बताया कि इस व्याख्यान श्रृंखला के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार को शोध पद्धति से संबंधित किसी विशिष्ट विषय पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के शोध कौशल को निखारना और उन्हें नवीनतम अनुसंधान पद्धतियों से परिचित कराना है।

कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार पटेल ने मुख्य वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि यह श्रृंखला विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के अकादमिक विकास, शोध भावना और नवाचार क्षमता को नई दिशा देगी। कार्यक्रम में शिक्षकगण, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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