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झारखंडी आवास बचाओ समिति की बैठक में जीडीए के खिलाफ नारेबाजी, आंदोलन तेज करने का निर्णयu : रामगढ़ ताल क्षेत्र : जिला प्रशासन और जीडीए पर लगाए मनमानी के आरोप

गोरखपुर | 10-Nov-2025 09:37 AM | 47 |
गोरखपुर
रामगढ़ ताल क्षेत्र : जिला प्रशासन और जीडीए पर लगाए मनमानी के आरोप

गोरखपुर। झारखंडी टुकड़ा नंबर 1 क्षेत्र में शनिवार को झारखंडी आवास बचाओ समिति की एक आवश्यक बैठक और प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम घटही माई के स्थान यादव टोला में हुआ, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी और काश्तकार एकत्र हुए। बैठक में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की कार्यप्रणाली को लेकर तीखा आक्रोश देखा गया और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

बैठक की अध्यक्षता बृजपाल सिंह ने की। उन्होंने कहा कि 2009 में जब रामगढ़ ताल के किनारे बांध निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब इसे ताल की भूमि के भीतर बनाना प्रस्तावित था। लेकिन विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से यह बांध झारखंडी टुकड़ा नंबर 1 के काश्तकारों की जमीन में बना दिया गया। न्यायालय के निर्देश पर पैमाइश के बाद भी बांध अब भी किसानों की भूमि में मौजूद है।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से मरम्मत और सड़क निर्माण के नाम पर ताल की ओर से मिट्टी डालकर बांध को बार-बार झारखंडी क्षेत्र की ओर बढ़ाया गया। हाल ही में मोहद्दीपुर और पड़हा तक सड़क निर्माण कार्य के दौरान किसानों की जमीनों पर कब्जा कर लिया गया, जबकि किसी को मुआवजा नहीं दिया गया। न्यायालय के आदेश के बावजूद प्राधिकरण ने काम नहीं रोका, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।

अध्यक्ष बृजपाल सिंह ने बताया कि किसानों ने इस मामले में अवमानना याचिका दायर की है, जिसमें प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के खिलाफ वारंट भी जारी हो चुका है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है, जो न्यायालय के आदेश की खुली अवहेलना है।

प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि प्रशासन एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण) के नाम पर गरीब किसानों को उनकी जमीन से बेदखल कर रहा है, जबकि ताल के प्रभावित क्षेत्र में ही सरकारी आवासीय योजनाएं, होटल, सर्किट हाउस और निजी निर्माण कार्य हो रहे हैं। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि अगर ताल के किनारे पाम सिटी और वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बन सकते हैं, तो गरीब किसानों को क्यों उजाड़ा जा रहा है।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि समिति अब आंदोलन को और तेज करेगी। जिलाधिकारी को नोटिस देकर धरना-प्रदर्शन और अनशन किया जाएगा। यदि न्याय न मिला तो रामगढ़ ताल में जल सत्याग्रह और जल समाधि आंदोलन किया जाएगा।

कार्यक्रम में राघवेंद्र प्रताप सिंह, आरती चांद, विशाल चंद, राजेंद्र पाठक, सतीश शुक्ला, अजय सिंह, अमरनाथ गौड़, सुनील गुप्ता सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

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