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गोरखपुर में स्मार्ट मीटर घोटाले पर बवाल, अभियंताओं का निलंबन बना आक्रोश का कारण : 23 सितम्बर को लखनऊ समेत प्रदेशभर में बिजली कर्मियों का व्यापक विरोध प्रदर्शन

गोरखपुर | 23-Sep-2025 11:07 PM | 47 |
गोरखपुर
23 सितम्बर को लखनऊ समेत प्रदेशभर में बिजली कर्मियों का व्यापक विरोध प्रदर्शन

गोरखपुर।

गोरखपुर और बस्ती क्षेत्र में स्मार्ट मीटर घोटाले को लेकर बिजली कर्मियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि मेसर्स जीनस कंपनी द्वारा विभाग की रिजेक्टेड लिस्ट को अभियंताओं की आईडी से छेड़छाड़ कर 17 सितम्बर की आधी रात में अप्रूव करा दिया गया। इसके बाद दोषियों को बचाने और घोटाले को दबाने के लिए गोरखपुर के पाँच अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया। समिति ने इसे “स्मार्ट मीटर घोटाला” करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि अभियंताओं पर की गई कार्यवाही निंदनीय और अन्यायपूर्ण है। उनका आरोप है कि गोरखपुर के मुख्य अभियंता इ. आशुतोष श्रीवास्तव की जीनस कंपनी के साथ सीधी मिलीभगत है और उसी के चलते दोषियों को बचाया जा रहा है। समिति ने चेतावनी दी है कि निलंबित अभियंताओं को बहाल नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा।

परीक्षण खंड ने भी लगाए आरोप

परीक्षण खंड के अभियंताओं ने भी मुख्य अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखित रूप से कहा है कि जीनस कंपनी के साथ साठगांठ करके घोटाले को दबाने और अभियंताओं को बलि का बकरा बनाने की कोशिश की जा रही है। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक इस मामले की जांच के लिए कोई समिति गठित नहीं की गई, जिससे साफ है कि कंपनी को बचाने की कोशिश की जा रही है।

300 दिन से जारी आंदोलन, अब होगा बड़ा प्रदर्शन

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने बताया कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के खिलाफ पिछले 300 दिन से आंदोलन जारी है। इसी सिलसिले में 23 सितम्बर को आंदोलन के 300 दिन पूरे होने पर लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जिलों में बिजली कर्मी, संविदाकर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

निजीकरण के दस्तावेज पर सवाल

पदाधिकारियों—पुष्पेन्द्र सिंह, जीवेश नन्दन, जितेन्द्र गुप्त, सीबी उपाध्याय, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, इस्माइल खान, संदीप श्रीवास्तव, करुणेश त्रिपाठी, राजकुमार सागर, विजय बहादुर सिंह और राकेश चौरसिया—ने कहा कि डिस्कॉम एसोसिएशन की सीधी दखल से निजीकरण की प्रक्रिया चलाई जा रही है। संशोधित आरएफपी डॉक्यूमेंट निजी घरानों को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से तैयार कराया गया है।

समिति की मांग और चेतावनी

संघर्ष समिति ने सरकार से मांग की है कि स्मार्ट मीटर घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर कठोर कार्यवाही हो और निलंबित अभियंताओं को तत्काल बहाल किया जाए। साथ ही, निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आगामी दिनों में आंदोलन और व्यापक होगा।

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