NOIDA : वाणिज्य मंत्रालय में रिटायर्ड अधिकारी से एक करोड़ 70 लाख की ठगी
नोएडा। साइबर अपराधियों ने एक बार फिर चौंकाने वाली वारदात को अंजाम दिया है। वाणिज्य मंत्रालय में कार्यरत रहे एक रिटायर्ड अधिकारी को साइबर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर करीब एक करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी कर ली। सात दिनों तक पीड़ित अधिकारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर उन्हें मनी लांड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी गई। लगातार मानसिक दबाव और डर के चलते अधिकारी ने अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी आरोपियों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दी।
मामला साइबर थाना नोएडा में दर्ज किया गया था। पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगों ने खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और पुलिस अधिकारी बताकर पीड़ित से संपर्क किया। उन्हें कहा गया कि उनका नाम मनी लांड्रिंग और हवाला ट्रांजैक्शन में सामने आया है। यदि सहयोग नहीं किया तो गिरफ्तारी हो सकती है। इसके बाद लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी रखते हुए अधिकारी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ की स्थिति में रखा गया, ताकि वे बाहर जाकर किसी से संपर्क न कर सकें।
पीड़ित की शिकायत पर सक्रिय हुई साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और खातों की ट्रैकिंग शुरू की। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और लैपटॉप भी बरामद किए गए हैं। साथ ही, जिस बैंक खाते में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी, उसमें से 17 लाख 48 हजार रुपये को फ्रीज़ कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि अन्य खातों में भेजी गई राशि की रिकवरी के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
एडिशनल डीसीपी (नोएडा) ने बताया कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर सरकारी अधिकारियों और रिटायर्ड कर्मचारियों को निशाना बनाता था। फोन कॉल और वीडियो कॉलिंग के जरिए वे पीड़ित को डराकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखते थे। जांच में सामने आया है कि इस गैंग के तार कई राज्यों से जुड़े हुए हैं और इनके खिलाफ पहले भी शिकायतें आ चुकी हैं।
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता को आगाह किया है कि कोई भी एजेंसी या प्रवर्तन निदेशालय इस प्रकार का दबाव बनाकर पैसे की मांग नहीं करता। यदि इस तरह की कॉल आती है तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस को सूचना दें।
इस बड़ी कार्रवाई से साइबर थाना पुलिस को सफलता मिली है, लेकिन घटना यह संकेत देती है कि साइबर अपराधी अब और ज्यादा खतरनाक तरीके से लोगों को फंसा रहे हैं। आम नागरिकों को जागरूक और सतर्क रहकर ही ऐसे अपराधों से बचाव करना होगा।