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डीएम ने निष्क्रिय आशाओं पर कार्रवाई न करने पर डीपीएम को लगाई फटकार, दिए सख्त निर्देश

प्रकाशित: 04 Nov 2025

डीएम ने निष्क्रिय आशाओं पर कार्रवाई न करने पर डीपीएम को लगाई फटकार, दिए सख्त निर्देश

रायबरेली, 03 नवम्बर 2025। जिला स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में उनकी अध्यक्षता में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान उन्होंने डीपीएम (एनएचएम) राकेश को निष्क्रिय आशाओं पर कार्रवाई न करने के मामले में फटकार लगाई और चेतावनी दी कि अगली बैठक तक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, अन्यथा कठोर कदम उठाए जाएंगे।

बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि पिछली बैठक में ही डीपीएम को निर्देश दिया गया था कि जो आशा कार्यकर्ता लंबे समय से निष्क्रिय हैं और अपने कार्य का निर्वहन नहीं कर रही हैं, उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही न किए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। डीएम ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम हर्षिता माथुर ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भी निर्देशित किया कि सभी लापरवाह चिकित्साधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी पत्र जारी करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के हर स्तर पर जवाबदेही तय की जाए ताकि जनता को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर और प्रभावी रूप से मिल सकें।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण अभियान और पोषण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करें ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

डीएम ने निर्देश दिया कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कई परिवार सरकारी योजनाओं से अनभिज्ञ हैं, इसलिए प्रत्येक गांव में प्रचार-प्रसार के माध्यम से जानकारी पहुंचाई जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फील्ड विजिट नियमित रूप से करनी चाहिए। केवल बैठकों और रिपोर्टों तक सीमित रहने से जमीनी बदलाव नहीं हो पाएगा। प्रत्येक अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और यदि कहीं समस्याएं हैं तो उनका समाधान तत्काल करें।

बैठक में सीएमओ सहित एनएचएम से जुड़े अधिकारी, बीसीपीएम, ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अंत में कहा कि आगामी बैठक तक सभी विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें और जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें प्राथमिकता से पूरा किया जाए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही या निष्क्रियता स्वीकार नहीं की जाएगी। डीएम ने कहा कि जनहित के कार्यों में देरी करने वालों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है।

इस प्रकार बैठक में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए साफ संदेश दिया कि अब केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन ही वास्तविक सफलता का पैमाना होगा।