रायबरेली: थानों में बनाए गए मिशन शक्ति केंद्रों को मिले सीयूजी नंबर
रायबरेली: थानों में बनाए गए मिशन शक्ति केंद्रों को मिले सीयूजी नंबर, एसपी ने किया रियलिटी चेक
रायबरेली जिले में महिला सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में पुलिस प्रशासन द्वारा एक अहम पहल की गई है। जिले के सभी थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों को अब सीयूजी (Closed User Group) नंबर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्रदान करना है।
जिले के कुल 20 थानों को मिशन शक्ति केंद्रों के लिए अलग-अलग सीयूजी नंबर दिए गए हैं, जिससे पीड़ित महिलाएं सीधे पुलिस से संपर्क कर सकें। इन नंबरों के जरिए शिकायत दर्ज कराने, सहायता मांगने और परामर्श लेने में अब किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
इस व्यवस्था की प्रभावशीलता जांचने के लिए पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने स्वयं मिशन शक्ति सीयूजी नंबरों का रियलिटी चेक किया। एसपी ने अलग-अलग थानों के मिशन शक्ति केंद्रों पर उपलब्ध सीयूजी नंबरों पर कॉल कर यह देखा कि कॉल समय पर रिसीव हो रही है या नहीं, तथा तैनात कर्मियों की प्रतिक्रिया कैसी है।
इसी क्रम में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने भदोखर थाना को मिले मिशन शक्ति सीयूजी नंबर पर फोन कर बात की। उन्होंने वहां तैनात पुलिसकर्मियों से मिशन शक्ति अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और यह सुनिश्चित किया कि जरूरत पड़ने पर महिलाओं को तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जाए।
एसपी ने निर्देश दिए कि मिशन शक्ति केंद्रों पर तैनात पुलिसकर्मी सदैव सजग रहें और किसी भी कॉल को नजरअंदाज न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मिशन है।
पुलिस अधीक्षक ने साफ तौर पर कहा कि यदि किसी भी थाने पर मिशन शक्ति सीयूजी नंबर पर लापरवाही बरती जाती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि महिलाएं किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बिना संकोच मिशन शक्ति केंद्र या सीयूजी नंबर का उपयोग करें।
इस पहल से जिले में महिलाओं के बीच सुरक्षा की भावना और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। मिशन शक्ति अभियान के तहत पुलिस प्रशासन लगातार जागरूकता कार्यक्रम, महिला हेल्प डेस्क और त्वरित सहायता प्रणाली को मजबूत कर रहा है।
रायबरेली पुलिस का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है, जिससे कानून-व्यवस्था के साथ-साथ समाज में विश्वास भी बढ़ेगा।