रायबरेली में अधिकारियों की लापरवाही उजागर
जिले में अधिकारियों द्वारा सीयूजी नंबर पर फोन न उठाने का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने खुद पत्रकारों के सामने रियल्टी चेक किया। दरअसल, हाल ही में शिवपाल यादव का फोन जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा न उठाने का मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
इसी संदर्भ में मंत्री राकेश सचान रायबरेली पहुंचे और मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने इस पूरे प्रकरण की हकीकत जांचने का निर्णय लिया। उन्होंने सबसे पहले जिले के डीएफओ को उनके सीयूजी नंबर पर कॉल किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने सीडीओ अर्पित उपाध्याय को फोन किया, मगर कॉल रिसीव करने के बजाय किसी और ने फोन उठाया। इस पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर की और कहा कि यह बेहद गंभीर लापरवाही है।
राकेश सचान ने कहा कि अधिकारियों को अपने सीयूजी नंबर पर उपलब्ध रहना चाहिए क्योंकि यही व्यवस्था शासन और जनता के बीच बेहतर संवाद सुनिश्चित करने के लिए की गई है। लेकिन रायबरेली में कई अधिकारी इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखने की बात कही ताकि इस पर ठोस कार्रवाई हो सके।
इस घटनाक्रम के बाद जिले के प्रशासनिक अधिकारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब देखना होगा कि शासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होती है या नहीं।
#रायबरेली में डीएम द्वारा शिवपाल यादव का फोन न उठाने के मामले पर
कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने किया रियल्टी चेक 📞
👉 DFO व CDO को सीयूजी नंबर पर कॉल किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ
👉 CDO अर्पित उपाध्याय का फोन किसी और ने उठाया, मंत्री ने जताई नाराज़गी
👉 उच्चाधिकारियों को पत्र… pic.twitter.com/afe6ZvWBAA