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डेढ़ करोड़ के चांदी के रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले बाबा श्याम

प्रकाशित: 27 Feb 2026

खाटूश्यामजी/सीकर. फाल्गुनी एकादशी के पावन अवसर पर शेखावाटी के विश्व प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। लक्खी मेले के मुख्य दिन एकादशी पर बाबा श्याम डेढ़ करोड़ के चांदी से निर्मित भव्य रथ पर सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। करीब 350 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का निर्वहन पूरे विधि-विधान और भक्ति भाव से किया गया।

 

सुबह 11:15 बजे मंदिर प्रांगण से रथ यात्रा प्रारंभ हुई। जैसे ही बाबा का रथ बाहर निकला, श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ स्वागत किया। चंग की धुन, गुलाल की उड़ती रंगत और भजनों की स्वर लहरियों के बीच पूरा खाटू धाम श्याममय हो उठा। नगर भ्रमण के दौरान रथ पर फूलों की वर्षा की गई और भक्त नाचते-गाते हुए साथ चलते नजर आए।

 

रथ यात्रा के दौरान मंत्री चौहान ने बताया कि परंपरा के अनुसार रथ से चॉकलेट और फल वितरित किए जाते हैं। इन्हें पाने के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। साथ ही बाबा के रथ को खींचने के लिए भी श्रद्धालुओं में होड़ रही। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन बनाए रखने तथा धक्का-मुक्की से बचने की अपील की, ताकि आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

 

बाबा की सवारी के लिए यह रथ पिछले वर्ष नोखा (बीकानेर) में लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। रथ निर्माण में एक महीने से अधिक समय लगा और प्रतिदिन आठ कारीगरों ने मेहनत की। दानदाता ने यह रथ भेंट किया है, हालांकि उनका नाम गोपनीय रखा गया है। विशेष रूप से इसे जीप की बॉडी पर तैयार किया गया है, ताकि रथ को धक्का देने की आवश्यकता न पड़े।

 

एकादशी पर बाबा का विशेष श्रृंगार बैंकॉक, हॉलैंड और केन्या से मंगाए गए रंग-बिरंगे फूलों से किया गया। गर्भगृह को लाल-सफेद वस्त्रों, आकर्षक झूमरों और झालरों से सजाया गया। इस बार दरबार को जगन्नाथपुरी थीम पर सजाया गया है, जहां प्रवेश से पूर्व श्रद्धालुओं को 12 ज्योतिर्लिंगों की झांकी के दर्शन हो रहे हैं। गर्भगृह के सामने 11 हजार डमरुओं की सजावट श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है।

 

भारी भीड़ को देखते हुए 75 फीट लंबे मार्ग में 14 कतारों की व्यवस्था की गई है। अत्याधुनिक गणना कैमरों से श्रद्धालुओं की संख्या का आकलन किया जा रहा है। मेले के दौरान मंदिर के पट 24 घंटे खुले हैं। सहायता डेस्क, खोया-पाया केंद्र और विशेष ट्रैफिक प्लान भी लागू किया गया है।

 

21 फरवरी से प्रारंभ हुआ फाल्गुनी लक्खी मेला 28 फरवरी को सूरजगढ़ का निशान चढ़ने के साथ संपन्न होगा। गुरुवार तक 10.86 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके थे। रंगों, भक्ति और उल्लास से सराबोर खाटू नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब लगातार उमड़ रहा है।