सीकर. जिला प्रशासन द्वारा तहसील कार्यालय को पुनः पुराने और जर्जर भवन में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सीकर तहसील क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, युव...
सीकर. जिला प्रशासन द्वारा तहसील कार्यालय को पुनः पुराने और जर्जर भवन में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सीकर तहसील क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों, युवाओं और जनप्रतिनिधियों ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव फूलसिंह ओला के नेतृत्व में पुराने भवन का निरीक्षण किया तथा उसकी वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान नागरिकों ने पाया कि भवन की दीवारें और छतें काफी कमजोर हो चुकी हैं तथा परिसर तक पहुंचने वाले रास्ते भी अत्यंत संकरे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति में यहां तहसील कार्यालय संचालित करना न केवल कर्मचारियों और आमजन की सुरक्षा के लिए खतरा होगा, बल्कि महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड के संरक्षण पर भी गंभीर संकट खड़ा करेगा।
इसके बाद फूलसिंह ओला के नेतृत्व में नागरिकों के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन के प्रस्तावित निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि आगामी मानसून के दौरान भवन में सीलन और पानी रिसाव की आशंका है, जिससे जमीन संबंधी दस्तावेज, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी कागजात क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।
नागरिकों ने मांग रखी कि स्थाई भवन बनने तक तहसील कार्यालय को पिपराली रोड बाईपास क्षेत्र में अस्थाई रूप से संचालित किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके। साथ ही सरकार द्वारा पिपराली चौराहे के निकट आवंटित भूमि पर शीघ्र बजट जारी कर आधुनिक और स्थाई तहसील भवन का निर्माण शुरू कराया जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि जनभावनाओं की अनदेखी कर तहसील को जर्जर भवन में स्थानांतरित किया गया तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस दौरान सतपाल धींवा, तनसुख ओला, दिनेश जाखड़, जयंत चौधरी, मदन महला, कैलाश ओला, मुकेश ओला, महेंद्र एवं एडवोकेट प्रदीप सहित अनेक ग्रामीण, युवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।