PHM NEWS

महानरेगा संशोधन के खिलाफ वामपंथी संगठनों का फतेहपुर में विरोध प्रदर्शन

प्रकाशित: 23 Dec 2025

फतेहपुर/सीकर. केंद्र सरकार द्वारा महानरेगा कानून में किए गए संशोधन के विरोध में सोमवार को वामपंथी संगठनों ने फतेहपुर कस्बे में जोरदार प्रदर्शन किया। माकपा कार्यालय, जो कि राजकीय धानुका अस्पताल के पास स्थित है, वहां से वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पैदल रैली निकालते हुए एसडीएम कार्यालय तक मार्च किया। रैली के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और महानरेगा कानून में किए गए संशोधनों को मजदूर विरोधी बताते हुए इन्हें तत्काल रद्द करने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा महानरेगा कानून में किए गए संशोधन से ग्रामीण मजदूरों, किसानों और गरीब तबके के लोगों को भारी नुकसान होगा। महानरेगा योजना ग्रामीण रोजगार की रीढ़ है, जिसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। वामपंथी संगठनों ने आरोप लगाया कि नए संशोधनों से मजदूरों के काम के दिन कम होंगे और भुगतान प्रक्रिया और अधिक जटिल हो जाएगी।

एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और इसके बाद नायब तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संशोधित महानरेगा कानून को रद्द कर पुराने महानरेगा कानून को बहाल करने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने मजदूरों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इस विरोध प्रदर्शन में रामप्रसाद जांगिड, आबिद हुसैन, हेमेंद्र सिंह, रामप्रताप, बिजू चाचीवाद, याशर सौलकी, भोजेन्द्र सिंह, सलीम, शाहिद, आदिल, रफीक सहित अनेक कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कार्यकर्ताओं में सरकार की नीतियों को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला।