14 वर्ष की सभी बालिकाओं का यू-विन सॉफ्टवेयर में पंजीयन कर टीकाकरण कराने के निर्देश
जयपुर/सीकर. प्रदेश में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा। स्वास्थ्य भवन में आयोजित टीकाकरण कार्यक्रम की स्टेट टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक जोगाराम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न राजकीय विभागों और विकास सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में 14 वर्ष आयु वर्ग की सभी बालिकाओं का यू-विन ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में पंजीयन सुनिश्चित कर उन्हें एचपीवी प्रतिरक्षक टीका लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही समुदाय स्तर पर इस टीकाकरण को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया गया।
मिशन निदेशक ने बताया कि राष्ट्रीय गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश में अब तक 2795 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें लक्षित 14 वर्ष आयु वर्ग की 7720 बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया गया है। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीकाकरण के लिए लाभार्थियों का यू-विन पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है, जिसके आधार पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित कर टीके लगाता है।
निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है और वैश्विक स्तर पर इसके लगभग 99 प्रतिशत से अधिक मामलों में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण पाया जाता है। भारत में यह स्तन कैंसर के बाद महिलाओं में दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है, इसलिए इसकी रोकथाम बेहद जरूरी है।
परियोजना निदेशक टीकाकरण डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि बैठक में दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में टीकाकरण कवरेज बढ़ाने, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक बालिकाओं तक जानकारी पहुंचाने तथा परिवारों में जागरूकता बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला सहित विभिन्न विभागों और डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ व निपी जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही जन्म से दो वर्ष तक के बच्चों के नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई।