शेखावाटी विश्वविद्यालय में भूकंप आपदा की मॉक ड्रिल
सीकर. पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय कटराथल, सीकर में क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन भूकंप आपदा को लेकर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान एनडीआरएफ की 6वीं बटालियन की टीम ने भूकंप की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
मॉक ड्रिल के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर में भूकंप आने की सूचना मिलते ही जिला कंट्रोल रूम को अलर्ट किया गया। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची। भारी नुकसान और जनहानि की आशंका को देखते हुए एनडीआरएफ को भी सूचित किया गया, जिसके बाद एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और सिविल डिफेंस के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया।
अभ्यास के दौरान विश्वविद्यालय कैंपस की बिल्डिंग में फंसे घायल लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। रेस्क्यू टीम ने घायलों को बिल्डिंग से निकालकर प्राथमिक उपचार दिया और एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास किया। इस मॉक ड्रिल के जरिए आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, समन्वय और राहत-बचाव कार्यों की प्रभावी रणनीति का प्रशिक्षण दिया गया।
एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर सागरमल कुल्हरी ने मॉक ड्रिल के दौरान बताया कि आपदा की स्थिति में किस प्रकार राहत एवं बचाव कार्यों को तेज और व्यवस्थित तरीके से अंजाम दिया जाता है। इस अभ्यास में एनडीआरएफ की 6वीं बटालियन वडोदरा (गुजरात) की अजमेर टीम, सिविल डिफेंस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम, पुलिस और आरएससी के जवान भी शामिल रहे।
गौरतलब है कि नागरिक सुरक्षा सीकर द्वारा आयोजित यह क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम सात दिनों तक चला। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार, सीपीआर, घायलों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, आपातकालीन प्रबंधन और विभिन्न आपदा प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट प्रवीण कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर रतन कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. तेजपाल सिंह, विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार श्वेता यादव, सीओ सिटी संदीप सिंह, उपखंड अधिकारी निखिल कुमार तथा प्रशिक्षण प्रभारी धर्मराज हाथीवाल सहित जिला स्तरीय अधिकारी, प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे पटवारी, ग्राम सेवक, पीटीआई, एलडीसी और सिविल डिफेंस के जवान मौजूद रहे।