नवाचारों के दम पर शिक्षानगरी सीकर प्रदेश में प्रथम पायदान पर
सीकर. स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत नवंबर माह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगरीय निकायों को सम्मानित करने के लिए सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को सेनिटेशन एवं स्वच्छता सेवाओं पर आधारित राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर परिषद सीकर ने प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर शिक्षानगरी का नाम रोशन किया।
जयपुर के निर्माण नगर स्थित सिगनेट पार्क होटल में आयोजित समारोह में राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक द्वारा नगर परिषद सीकर के आयुक्त शशिकांत शर्मा को यह सम्मान प्रदान किया गया। यह उपलब्धि स्वच्छता के क्षेत्र में सीकर द्वारा किए गए नवाचारों, सुदृढ़ प्रबंधन एवं जनभागीदारी का परिणाम मानी जा रही है।
स्वायत्त शासन विभाग द्वारा प्रदेश के कुल 233 नगरीय निकायों के स्वच्छता कार्यों का मूल्यांकन कर नवंबर माह की रैंकिंग जारी की गई। यह रैंकिंग विभिन्न मानकों—जैसे साफ-सफाई की स्थिति, अपशिष्ट प्रबंधन, जन-जागरूकता गतिविधियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन—के आधार पर तय की गई। आबादी के अनुसार नगरीय निकायों को पाँच श्रेणियों में विभाजित किया गया।
3 लाख से 10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में भीलवाड़ा प्रथम, अलवर द्वितीय और उदयपुर तृतीय स्थान पर रहा। 50 हजार से 3 लाख आबादी वाले 47 नगरीय निकायों में सीकर ने प्रथम, भरतपुर ने द्वितीय और जैसलमेर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में नाथद्वारा प्रथम, पुष्कर द्वितीय और डूंगरपुर तृतीय स्थान पर रहा। 20 हजार से कम आबादी वाले नगरीय निकायों में बड़ी सादड़ी प्रथम, गजसिंहपुर द्वितीय और भिंडर तृतीय स्थान पर रहा।
शिक्षानगरी सीकर में स्वच्छता को लेकर लगातार चलाए जा रहे नवाचार, व्यापक जन-जागरूकता अभियान और प्रभावी क्रियान्वयन के चलते नगर परिषद की रैंकिंग में निरंतर सुधार देखने को मिल रहा है। यह उपलब्धि शहरवासियों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता और प्रशासन की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।