मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मिला संबल
सीकर. चिकित्सा विभाग की ओर से गुरुवार को जिलेभर में मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस के साथ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इस अवसर पर सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक जीवनरक्षक टीकाकरण सेवाएं प्रदान की गईं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक महरिया ने बताया कि हर माह की 9, 18 और 27 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जाती है, ताकि प्रसव के दौरान होने वाली संभावित जटिलताओं का समय पर समाधान किया जा सके। वहीं प्रत्येक गुरुवार को मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस पर टीकाकरण गतिविधियां संचालित की जाती हैं, जिसमें गर्भवती महिलाओं और बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल सिंह ने बताया कि जिले के विभिन्न चिकित्सा केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, हृदय स्पंदन और प्रसव संबंधी जटिलताओं की जांच की गई। साथ ही उन्हें आईएफए, कैल्शियम और अन्य जरूरी दवाएं वितरित की गईं। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच, संतुलित भोजन और सुरक्षित प्रसव हेतु सरकारी अस्पतालों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। बच्चों को खसरा-रूबेला, टीबी, हैपेटाइटिस बी, काली खांसी, निमोनिया, रोटा वायरस, टिटनेस सहित विभिन्न रोगों से बचाव के टीके लगाए गए।
इसके अतिरिक्त डॉ. विशाल सिंह ने जिले के हर्ष, मंडावरा, खोरी डूंगर, चौखा का बास, बिड़ोली और बानूडा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों व पीएचसी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति, साफ-सफाई, दवाइयों की उपलब्धता, उपकरणों के रखरखाव, टीकाकरण एवं एएनसी प्रगति की समीक्षा की तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।