प्रदेश में अंगदान एवं प्रत्यारोपण की प्रक्रिया होगी पूरी तरह ऑनलाइन
सीकर. प्रदेश में अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण सेवाओं को सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा नव विकसित लाइव पोर्टल जल्द ही शुरू किया जाएगा, जिसके माध्यम से अंगदान और अंग प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन संचालित किया जाएगा। इस पोर्टल से प्रदेश के सभी अंगदान एवं प्रत्यारोपण करने वाले अस्पतालों को जोड़ा जाएगा, जिससे समस्त जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अंगदान एवं अंग प्रत्यारोपण जीवन रक्षा से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे में इससे जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का मानकीकरण कर उन्हें पूरी तरह ऑनलाइन किया जाना आवश्यक है। साथ ही, किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए विजिलेंस सिस्टम को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अंगदान एवं प्रत्यारोपण के कार्यों के लिए निदेशालय स्तर पर गठित प्रकोष्ठ को सशक्त किया जाएगा। यह प्रकोष्ठ नियमित रूप से अस्पतालों का निरीक्षण करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी अस्पतालों में निर्धारित एसओपी के अनुरूप कार्य हो रहे हैं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि अस्पतालों में आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षित स्टाफ और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध हों तथा सभी महत्वपूर्ण जानकारियां समय पर पोर्टल पर अपडेट की जाएं।
सीएचसी स्तर तक होगा प्रशिक्षण
प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए कि अंगदान को प्रोत्साहित करने के लिए मेडिकल कॉलेज, ट्रॉमा सेंटर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) स्तर तक स्वास्थ्यकर्मियों एवं एम्बुलेंसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए। इसके साथ ही आमजन और स्वास्थ्यकर्मियों में अंगदान जैसे पुनीत कार्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण और बेहतर सर्विस डिलीवरी पर जोर
बैठक में श्रीमती राठौड़ ने अधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने जनसुनवाई, संपर्क पोर्टल, 181 हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने और शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने पर जोर दिया। साथ ही ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम को तकनीकी नवाचारों के माध्यम से और मजबूत करने की बात कही।
उन्होंने अधिकारियों को अपने स्टाफ की समस्याओं के समय पर समाधान, कार्यालय परिसरों की साफ-सफाई, रखरखाव और बेहतर सर्विस डिलीवरी पर फोकस करते हुए आमजन को स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।