निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण की तिथियां घोषित जिलाधिकारी जे0रीभा ने अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठकबांदा। जिलाधिकारी जे0रीभा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागा...
निर्वाचक नामावलियों के पुनरीक्षण की तिथियां घोषित जिलाधिकारी जे0रीभा ने अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
बांदा। जिलाधिकारी जे0रीभा की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के संबंध में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारी जे0रीभा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार अर्हता तिथि 1 जनवरी, 2026 के आधार पर निर्वाचन नामावलियों का विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21 और निर्वाचन नियमावली 1960 के प्रावधानों के अंतर्गत समय-समय पर इस प्रक्रिया को संपन्न कराता है। इस प्रकार का विशेष पुनरीक्षण प्रदेश में अंतिम बार वर्ष 2003 में किया गया था।
डीएम ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यावधिक बनाए रखना, अर्ह मतदाताओं के नाम जोड़ना, अनर्ह व्यक्तियों के नाम हटाना और मतदाताओं की प्रविष्टियों में त्रुटियों का संशोधन करना है।
उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 28 अक्टूबर से 3 नवम्बर, 2025 तक तैयारी एवं प्रशिक्षण कार्य किया जाएगा। इसके बाद 4 नवम्बर से 4 दिसम्बर, 2025 तक गणना अवधि रहेगी। 5 से 8 दिसम्बर, 2025 तक अपडेशन ऑफ कंट्रोल टेबल और ड्राफ्ट इलेक्ट्रोरल रोल की तैयारी की जाएगी। ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसम्बर, 2025 को होगा।
इसके पश्चात 9 दिसम्बर, 2025 से 8 जनवरी, 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे और आपत्तियों की सुनवाई, सत्यापन और निर्णय की प्रक्रिया 9 दिसम्बर, 2025 से 31 जनवरी, 2026 तक चलेगी। इसके बाद 7 फरवरी, 2026 को निर्वाचन नामावलियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी राजनीतिक दल अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) तत्काल नियुक्त करें और बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) के साथ समन्वय बनाकर घर-घर सर्वेक्षण में सहयोग करें। गणना प्रारंभ होने से पहले BLO और BLA की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें बीएलओ बीएलए को सर्वेक्षण और संशोधन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अधिक से अधिक बीएलए नियुक्त करने की अनुमति दी गई है ताकि पुनरीक्षण कार्य पारदर्शी और त्रुटिरहित हो सके। प्रत्येक बीएलए को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके द्वारा प्रस्तुत आवेदन पत्रों का विवरण वह स्वयं सत्यापित कर चुका है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) धर्मेन्द्र कुमार, उप जिलाधिकारी सदर नमन मेहता, तथा विभिन्न राजनीतिक दलों — भाजपा, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बसपा, आम आदमी पार्टी और भाकपा — के प्रतिनिधिगण उपस्थित