दैत्य पिता के कृत्य से कांप उठा क्षेत्रकलयुगी पिता ने मासूम बेटे को उतारा मौत के घाटपैलानी। थाना क्षेत्र के पचकौरी गांव में 5 जनवरी की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब...
दैत्य पिता के कृत्य से कांप उठा क्षेत्र
कलयुगी पिता ने मासूम बेटे को उतारा मौत के घाट
पैलानी। थाना क्षेत्र के पचकौरी गांव में 5 जनवरी की रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। नशे की लत और पारिवारिक कलह में डूबे एक कलयुगी पिता ने अपने ही मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर उसका शव यमुना नदी में फेंक दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी राजेंद्र पुत्र छोटका, निवासी धनूवन डेरा, ललौली थाना फतेहपुर का रहने वाला है। वह बीती रात करीब 11 बजे नाव के सहारे यमुना नदी पार कर अपनी ससुराल पचकौरी गांव पहुंचा। उस समय उसकी पत्नी शारदा, ससुर रामफल और सास शांति छप्पर के नीचे सो रहे थे। शारदा अपने मासूम बेटे कार्तिक को गोद में लेकर सोई हुई थी।
आरोप है कि राजेंद्र चुपचाप आया और सोते समय ही मासूम कार्तिक को उठा ले गया। कुछ देर बाद जब शारदा की नींद खुली तो बच्चा गायब मिला। उसने शोर मचाया, लेकिन घने कोहरे का फायदा उठाकर आरोपी बच्चे को नाव से नदी के किनारे-किनारे ले गया और कथित तौर पर उसकी गर्दन दबाकर बीच यमुना नदी में फेंक दिया।
परिजनों ने पूरी रात और अगले दो दिन तक मासूम की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। बच्चे के मामा दिलीप ने बताया कि दो दिन बाद पुलिस को सूचना दी गई, पर आरोप है कि पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बजाय केवल फोन पर पूछताछ कर औपचारिकता निभाई। समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद दिलीप, हिमांशु, संदीप, सहदेव और गोविंद आरोपी की तलाश में धनूवन डेरा पहुंचे। परिजनों को देखते ही राजेंद्र भागने लगा और पास के जंगल में छिप गया, जहां उसे पकड़ लिया गया। बाद में उसे नाव के माध्यम से लाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया।
मामा दिलीप ने बताया कि आरोपी नशे का आदी है और कोई काम-धंधा नहीं करता था। शारदा की शादी पांच साल पहले हुई थी। उसके दो बेटियां—रानी और शिवानी—इलाज के अभाव में पूर्व में ही दम तोड़ चुकी थीं। घरेलू हिंसा और भरण-पोषण न मिलने के कारण शारदा पिछले दो वर्षों से मायके में रह रही थी।
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से यमुना नदी में तलाश कराई गई, लेकिन तेज बहाव के चलते मासूम का शव बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने आरोपी की नाव को कब्जे में ले लिया है।
परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद मासूम की जान बचाई जा सकती थी। इस हृदय विदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है।