20 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने पोखर से पकड़ा मगरमच्छ, कस्बेवासियों ने ली राहत की सांसओरन।कस्बे के तिलहर माता मंदिर तालाब में पिछले 20 दिनों से आतंक का कारण बने मगरमच्छ को आखिरकार वन व...
20 दिन की कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने पोखर से पकड़ा मगरमच्छ, कस्बेवासियों ने ली राहत की सांस
ओरन।कस्बे के तिलहर माता मंदिर तालाब में पिछले 20 दिनों से आतंक का कारण बने मगरमच्छ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने शनिवार को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया। वन विभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अरविंद कुमार और क्षेत्रीय वनाधिकारी परवेज़ शहजाद के निर्देशन में यह अभियान लगातार चल रहा था।
बीते 2 नवम्बर को दोपहर करीब 12 बजे तालाब में मगरमच्छ दिखाई दिया था, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना चौकी पुलिस को दी। पुलिस की जानकारी पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची और रेस्क्यू कार्य शुरू किया। मगरमच्छ के बार-बार स्थान बदलने के कारण उसे पकड़ पाना टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
लगातार 15–20 दिनों की मेहनत के बाद शनिवार को जब मगरमच्छ अतर्रा रोड स्थित पोखर में देखा गया, तो टीम ने मौके का लाभ उठाकर उसे सुरक्षित पकड़ लिया। मगरमच्छ के पकड़े जाने के बाद कस्बे के लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि उसके कारण लंबे समय से दहशत का माहौल बना हुआ था।
उप क्षेत्रीय वनाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि रेस्क्यू अभियान के दौरान मगरमच्छ तिलहर देवी मंदिर तालाब, चतुराई तालाब, अतर्रा रोड पोखर समेत कई स्थानों पर घूमता रहा, जिससे पकड़ने में कठिनाई हुई। पकड़े गए मगरमच्छ को अब सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा।
रेस्क्यू टीम में वनरक्षक शुभम द्विवेदी, संदीप पाल, युवराज सिंह, जगदीश मौर्य, प्रमोद उर्फ अक्षय, राम सिंह सहित पूरी टीम शामिल रही।