जांच टीम बेअसर, शादी मदनपुर बालू खदान में श्मशान घाट तक अवैध खनन यमुना पर जेसीबी की चोट, कार्रवाई के दावों के बीच माफिया बेखौफपैलानी। शादी मदनपुर बालू खदान में अवैध खनन और ओवरलोड ट्रकों का खेल खु...
जांच टीम बेअसर, शादी मदनपुर बालू खदान में श्मशान घाट तक अवैध खनन
यमुना पर जेसीबी की चोट, कार्रवाई के दावों के बीच माफिया बेखौफ
पैलानी। शादी मदनपुर बालू खदान में अवैध खनन और ओवरलोड ट्रकों का खेल खुलेआम जारी है। हैरानी की बात यह है कि प्रशासन द्वारा जांच टीम गठित किए जाने और कार्रवाई के दावों के बावजूद यमुना नदी के किनारे, यहां तक कि श्मशान घाट की भूमि पर भी धड़ल्ले से खुदाई कराई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अंसार नामक जल्लाद द्वारा श्मशान घाट क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर जेसीबी मशीनों से दिन-रात खुदाई कराई जा रही है, जिससे न केवल पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है बल्कि धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को भी ठेस लग रही है।
ग्रामीणों के अनुसार यमुना नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। भारी मशीनों और ओवरलोड ट्रकों की आवाजाही से क्षेत्र की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं और आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। आरोप है कि जांच टीम की मौजूदगी के बावजूद खनन माफिया पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्मशान घाट जैसी पवित्र भूमि पर खुदाई को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है और इसे नियमों के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का भी घोर उल्लंघन बताया जा रहा है।
इस संबंध में पैलानी के उपजिलाधिकारी अंकित वर्मा ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में एक जांच टीम गठित की गई थी, जिसमें एक सदस्य जिला स्तर से तथा एक सदस्य पैलानी तहसील से शामिल था। जांच के दौरान लगभग एक सप्ताह पूर्व पांच ट्रकों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि आगे भी यदि अवैध खनन या ओवरलोड ट्रक पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि प्रशासनिक दावों के उलट जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि यमुना नदी और श्मशान घाट क्षेत्र में स्थायी निगरानी व्यवस्था की जाए और अंसार नामक जल्लाद के अवैध कब्जे को तत्काल हटाकर अवैध खनन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाए।