जसपुरा |बांदा जिले के जसपुरा थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर को बाढ़ का पानी देखने गए 30 वर्षीय राधे बाल्मीकि पुत्र दुर्जन के नदी में डूबने की घटना को तीन दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक उसका शव नहीं मिल...
जसपुरा |
बांदा जिले के जसपुरा थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर को बाढ़ का पानी देखने गए 30 वर्षीय राधे बाल्मीकि पुत्र दुर्जन के नदी में डूबने की घटना को तीन दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक उसका शव नहीं मिल सका है।
गुरुवार को राधे बाल्मीकि अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित नदी के पास बाढ़ की स्थिति देखने गया था, तभी अचानक पानी का बहाव तेज हो गया और वह उसमें बह गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही परिजनों और स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया। कस्बे के युवक भी खुद गुट बनाकर नदी में शव तलाशने में जुटे रहे, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
प्रशासनिक लापरवाही:
तहसील प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को बुलवाने की बात कही, लेकिन टीम करीब 5 घंटे की देरी से आई, और तब तक शाम हो चुकी थी। शुक्रवार दोपहर तक भी कोई सक्रिय रेस्क्यू कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे नाराज़ होकर ग्रामीणों ने पुराने बस स्टैंड पर जाम लगा दिया।
जाम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रामकेश निषाद, प्रशासनिक अधिकारियों, और सपा के राष्ट्रीय महासचिव द्वारा आश्वासन दिया गया कि रेस्क्यू टीम आएगी और तलाश करेगी, लेकिन शनिवार तक भी कोई विशेष बचाव कार्य नहीं हो सका।
परिजनों की पीड़ा:
राधे बाल्मीकि के परिजनों ने बताया कि,
"मंत्री से लेकर अधिकारियों ने हर बार सिर्फ आश्वासन दिया है। अब तक प्रशासन नहीं आया, हम ही अपने बल पर बेटे को खोज रहे हैं।"
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन की तैयारियों और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।