खाद संकट को लेकर एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन, ज्ञापन न लेने पर भड़के किसानपैलानी। तहसील क्षेत्र में रासायनिक उर्वरक (खाद) की भारी किल्लत के कारण किसान लंबे समय से परेशान हैं। कई दिनों से समस्या उठाए ...
खाद संकट को लेकर एसडीएम कार्यालय में प्रदर्शन, ज्ञापन न लेने पर भड़के किसान
पैलानी। तहसील क्षेत्र में रासायनिक उर्वरक (खाद) की भारी किल्लत के कारण किसान लंबे समय से परेशान हैं। कई दिनों से समस्या उठाए जाने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर राहत नहीं मिलने से किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इस संकट को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी विभागीय अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत करा चुके हैं, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं।
बताया गया कि सत्ता पक्ष के नेताओं ने भी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद को खाद संकट की स्थिति से अवगत कराया, फिर भी समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। खाद वितरण केंद्रों पर लंबी लाइनें, किसानों में हताशा, और प्रशासन की चुप्पी अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है।
एसडीएम ने ज्ञापन लेने से किया इनकार, तहसील परिसर में धरने पर बैठे किसान
शुक्रवार को पूर्व नौसेना अधिकारी एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सहकार भारती जिलाध्यक्ष राकेश बाजपेई दर्जनों किसानों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम पैलानी अंकित वर्मा के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देने पहुंचे। लेकिन किसानों का आरोप है कि एसडीएम ने ज्ञापन लेने से इनकार कर दिया।
इस पर नाराज किसानों और भाजपा नेताओं ने तहसील परिसर में ही धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। बाद में दबाव बढ़ने पर तहसीलदार को भेजकर ज्ञापन ग्रहण कराया गया।
एसडीएम द्वारा सत्ता पक्ष के प्रतिनिधियों का ज्ञापन न लेना अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
खाद की कालाबाजारी का आरोप — ₹1200 की बोऱी ₹1500 में बिक रही
राकेश बाजपेई ने बताया कि 15 दिन पहले भी ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा—
“तिंदवारी और जसपुरा ब्लॉक के कई गांवों में खाद पूरी तरह खत्म है। किसान लाइन में लगकर भी मायूस लौट रहे हैं। बाजार में ₹1200 वाली खाद ₹1500 तक बेची जा रही है। कुछ लोगों को लाइन में आगे लगाकर मनमानी तरीके से वितरण किया जा रहा है।”
किसानों का कहना है कि अगर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
इन किसान नेताओं की रही मौजूदगी
इस दौरान अरविंद्र सिंह, शिवकांत तिवारी, श्रीकांत तिवारी, राजा सिंह सहित दर्जनों किसान और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।