ज्येष्ठ मूल्यांकन अधिकारी ने कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का किया मूल्यांकन बबेरू, अतर्रा और नरैनी तहसीलों में किया गहन निरीक्षण बांदा। उत्तर प्रदेश शासन के नियोजन विभाग के ज्येष्ठ मूल्यांकन अधिकारी डा....
ज्येष्ठ मूल्यांकन अधिकारी ने कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का किया मूल्यांकन बबेरू, अतर्रा और नरैनी तहसीलों में किया गहन निरीक्षण बांदा। उत्तर प्रदेश शासन के नियोजन विभाग के ज्येष्ठ मूल्यांकन अधिकारी डा. संतराम तथा पंकज वर्मा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के क्रियान्वयन और प्रभाव का मूल्यांकन करने हेतु जनपद की तीनों तहसीलों—बबेरू,अतर्रा और नरैनी—का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सबसे पहले तहसील बबेरू के ग्राम मुरवल,अहार, छिलौला,जामू और पवई का दौरा किया। यहाँ उन्होंने योजना के लाभार्थियों से सीधे वार्ता कर यह जानकारी प्राप्त की कि योजना से उन्हें किस प्रकार सहायता मिली और इससे उनके सामाजिक व आर्थिक जीवन में क्या परिवर्तन आया।उन्होंने लाभार्थियों से दुर्घटना की परिस्थितियों,प्राप्त 5 लाख रुपये की सहायता राशि के उपयोग तथा आवेदन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा या परेशानी के बारे में भी विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद टीम ने तहसील अतर्रा के ग्राम बिसंडा, आऊ, बदौसा और तुर्रा में इसी प्रकार लाभार्थियों से संवाद किया। अधिकारियों ने योजना की जन-उपयोगिता तथा लाभार्थियों की वर्तमान आर्थिक स्थिति में आए परिवर्तन का मूल्यांकन किया। साथ ही, उन्होंने ग्रामीणों को यह भी बताया कि कैसे अन्य पात्र कृषक भी योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। अंत में निरीक्षण दल तहसील नरैनी के ग्राम बड़ोखर बुजुर्ग, मोतिहारी, गुढ़ाकला और पनगरा पहुँचा। यहाँ भी अधिकारियों ने लाभार्थियों से सहायता राशि के उपयोग तथा योजना की जानकारी किस माध्यम से मिली—इस संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा है कि योजना का लाभ हर पात्र परिवार तक बिना किसी बाधा के पहुँचे। निरीक्षण के दौरान संबंधित तहसीलों के उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार मनोज कुमार, एलआरसी महेन्द्र कुमार तथा सभी ग्रामों के लाभार्थी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गति बनाए रखने के निर्देश दिए।