मछली पालन से संपन्नता की राह पर बढ़ रही महिलाएं– उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बना आत्मनिर्भरता का आधार– जिले के चार ब्लाकों में 19 महिला समूह, 350 से अधिक महिलाएं जुड़ींबांदा। ग्रामीण क्षेत...
मछली पालन से संपन्नता की राह पर बढ़ रही महिलाएं
– उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बना आत्मनिर्भरता का आधार
– जिले के चार ब्लाकों में 19 महिला समूह, 350 से अधिक महिलाएं जुड़ीं
बांदा। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (SRLM) का सकारात्मक असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। जनपद में महिलाएं मछली पालन के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।
जनपद में वर्तमान में 19 महिला समूह मछली पालन के कार्य में सक्रिय हैं, जिनसे लगभग 350 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। इन समूहों को मछली पालन का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। विभिन्न क्षेत्रों में कुल 82 बायो-फ्लॉक टैंक स्थापित किए गए हैं, जिनमें आधुनिक तकनीक से मछली उत्पादन किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नामित एक निजी कंपनी नेचर जेनिक्स इस पूरी परियोजना की देखरेख कर रही है। कंपनी मछली उत्पादन से लेकर विपणन (बिक्री) तक की जिम्मेदारी निभा रही है, जिससे महिला समूहों को बाजार की चिंता नहीं करनी पड़ रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद के नरैनी, बबेरू, बिसंडा और बड़ोखर खुर्द ब्लाकों में मछली पालन को स्टार्टअप के रूप में विकसित किया गया है। इनमें बबेरू क्षेत्र में 50, बिसंडा में 22 और नरैनी क्षेत्र में 10 स्थानों पर बायो-फ्लॉक टैंक बनाए गए हैं।
महिला समूहों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अनुदान (सब्सिडी) दिलाने की प्रक्रिया भी जारी है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कराए जा चुके हैं। एक बायो-फ्लॉक टैंक स्थापित करने में लगभग 60 हजार रुपये का खर्च आता है, जिसमें से 30 हजार रुपये सब्सिडी के रूप में दिए जाने का प्रावधान है।
इस संबंध में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के डिप्टी कमिश्नर भईयन लाल ने बताया कि जनपद में चार ब्लाकों में महिला समूहों द्वारा मछली पालन का कार्य सफलतापूर्वक किया जा रहा है। महिलाओं में इस कार्य को लेकर उत्साह और रुचि बढ़ रही है। आने वाले समय में और भी महिला समूह इससे जुड़ेंगे, जिससे उन्हें बेहतर आमदनी और आर्थिक मजबूती मिलेगी।