जहांगीराबाद। रविवार को नगर के शुभकामना मैरिज होम में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर ने एक बार फिर अपनी प्रखर वाणी से हिंदुत्व और सामाजिक एकता की हुंकार भरी। इस सम्मेलन ...
जहांगीराबाद। रविवार को नगर के शुभकामना मैरिज होम में आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन में आध्यात्मिक गुरु स्वामी दीपांकर ने एक बार फिर अपनी प्रखर वाणी से हिंदुत्व और सामाजिक एकता की हुंकार भरी। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के भीतर की जातियों और वर्गों के भेदों को मिटाकर एक सशक्त और एकजुट समाज का निर्माण करना था।
रविवार को नगर स्थित शुभकामना मैरिज होम में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन हुआ। आयोजित सम्मेलन में आध्यात्मिक गुरु व प्रखर प्रवक्ता स्वामी दीपांकर महाराज मुख्यातिथि के रुप में उपस्थित रहे वहीं सम्मेलन की अध्यक्षता प्रमुख उधमी व समाजसेवी डॉ सोनू पाठक ने की। हिन्दू सम्मेलन का शुभारम्भ स्वामी दीपांकर महाराज व डॉ सोनू पाठक में माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित व पुष्प अर्पित करके किया।
कार्यक्रम के शुभारम्भ के पश्चात् मुख्य वक्ता व कवि राजेश कुमार ने संघ की स्थापना से लेकर संघ का कार्य व उसमे खेले जाने वाले खेलों से विस्तार पूर्वक लोगों को रूबरू कराते हुए साथ ही हिन्दू समाज को एकजुट रहने का सन्देश दिया। जिसके बाद आयोजित हिन्दू सम्मेलन में स्वामी दीपांकर ने मंच से अपने संबोधन में देश की वर्तमान परिस्थितियों का हवाला देते हुए हिन्दू समाज एकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज को एकजुट होकर रहना है, हमें जातियों में नहीं बटना है। स्वामी दीपांकर महाराज ने कहा कि हमारी पहचान केवल एक होनी चाहिए और वह पहचान है कि हम सिर्फ हिंदू हैं। यदि हम अपनी छोटी-छोटी पहचानों में उलझे रहे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए हम एक सुरक्षित भविष्य नहीं छोड़ पाएंगे। स्वामी दीपांकर ने सामाजिक छुआछूत और जातिगत भेदभाव को समाज के लिए 'कैंसर' बताया। उन्होंने अपनी देशव्यापी 'भिक्षा यात्रा' के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे हिंदू समाज के एकीकरण की लहर अब गांव-गांव तक पहुंच चुकी है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं से स्वामी ने आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति और धर्म के प्रति जागरूक बनें और किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार का शिकार न हों। सम्मेलन में केवल भाषण ही नहीं, बल्कि राष्ट्र रक्षा और धर्म रक्षा के संकल्प भी लिए गए। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी स्वामी दीपांकर महाराज के इस अभियान का पुरजोर समर्थन किया। सभा में मौजूद जनसमूह ने स्वामी जी के साथ स्वर में स्वर मिलाकर हिंदू एकता की शपथ ली।