जहांगीराबाद। नगर पालिका की वर्ष 2026 की पहली बोर्ड बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई। बोर्ड बैठक में पिछली बैठक के बजट और आय व्यय की पुष्टि की गई। इसके साथ ही बैठक में शासनादेश के अनुसार संपत्ति के नाम पर...
जहांगीराबाद। नगर पालिका की वर्ष 2026 की पहली बोर्ड बैठक शुक्रवार को संपन्न हो गई। बोर्ड बैठक में पिछली बैठक के बजट और आय व्यय की पुष्टि की गई। इसके साथ ही बैठक में शासनादेश के अनुसार संपत्ति के नाम परिवर्तन की दर में कटौती भी लागू कर दी गई है।
नगरपालिका बोर्ड बैठक में संपत्ति पर नाम परिवर्तन शुल्क में कटौती को लेकर चर्चा हुई जिसके बाद शासनादेश के अनुसार वारिसान और वसीयत के अनुसार नाम परिवर्तन पर एक हजार वर्ग फुट तक 500 रुपये, एक हजार से दो हजार वर्ग फुट तक 1000 रुपये, दो हजार से तीन हजार वर्ग फुट तक 1500 रुपये, व तीन हजार वर्ग फुट तक 2500 रुपये का शुल्क लागू होगा। वहीं बैनामा कराने के बाद यह शुल्क 5 लाख की संपत्ति पर 1000 रुपये, 5 लाख से 10 लाख तक 2 हजार रुपये, 10 लाख से 15 लाख तक 3 हजार रुपये , 15 लाख से 50 लाख 5 हजार रुपये व 50 लाख रुपये से ऊपर की संपत्ति पर 10 हजार रुपये का नाम परिवर्तन शुल्क लागू होगा। इसके साथ ही बोर्ड बैठक में सभासद डॉली गोयल और कल्पना शर्मा ने बैठक में सब्जी मंडी चौराहे का नाम महाराजा अग्रसेन चौराहा करने का प्रस्ताव रखा जो सभासदों द्वारा पास कर दिया गया। व्यापार लाइसेंस बनाने को लेकर नगर पालिका ने रुख स्पष्ट किया है कि यह शासन के आदेश के अनुसार लागू किया जा रहा है। इसकी कार्यवाही लागू रहेगी। इसके अलावा सभासद अंजलि सिसौदिया ने नगर पालिका द्वारा आवंटित दुकानों के ऊपर निर्माण के लिए शुल्क को 2 लाख से 50 हजार किये जाने का प्रस्ताव रखा जिस पर अभी विचार करने के लिए आगे बढ़ा दिया है। पालिकध्यक्ष किशनपाल सिंह लोधी ने ने बताया कि अक्सर देखा गया है कि ऊंचे शुल्क के कारण लोग नाम परिवर्तन कराने से बचते थे, जिससे पालिका के पास संपत्तियों का सही डेटा नहीं रह पाता था। इस कटौती से न केवल जनता को लाभ होगा, बल्कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपनी संपत्तियों का पंजीकरण कराएंगे, जिससे अंततः पालिका के राजस्व में वृद्धि होगी। स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। नगरपालिका में आयोजित बोर्ड बैठक में सभी पालिका सभासद मौजूद रहे।