जहांगीराबाद। जिला बुलंदशहर के चर्चित 'सिद्धनगला पेट्रोल हत्याकांड' में बुधवार को न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। कोतवाली जहांगीराबाद क्षेत्र के इस जघन्य मामले में एडीजे (स्पेशल एससी/एसटी...
जहांगीराबाद। जिला बुलंदशहर के चर्चित 'सिद्धनगला पेट्रोल हत्याकांड' में बुधवार को न्यायालय ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। कोतवाली जहांगीराबाद क्षेत्र के इस जघन्य मामले में एडीजे (स्पेशल एससी/एसटी एक्ट) धीरेंद्र कुमार की अदालत ने आरोपी पति-पत्नी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
बता दें कि यह घटना वर्ष 2020 में नबंबर महीने की है। थाना जहांगीराबाद क्षेत्र के ग्राम सिद्धनगला निवासी जंगी उर्फ जगवीर के घर में घुसकर पुरानी रंजिश के चलते ग्राम धामनी निवासी संजय और उसकी पत्नी काजल उर्फ पूनम ने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। दोनों ने जगवीर की पुत्री गुलशन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इस दर्दनाक हमले में युवती बुरी तरह झुलस गई थी और उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर 17 नवंबर 2020 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की तत्परता दिखाते हुए 15 जनवरी 2021 को ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत इस केस को चिन्हित किया गया था। मॉनीटरिंग सेल बुलन्दशहर की निगरानी में कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अभियोजक विपुल कुमार राघव और उनकी टीम की मजबूत दलीलों के आगे आरोपी टिक न सके और बुधवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट के इस फैसले के बाद पुलिस प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया है। इस केस को अंजाम तक पहुँचाने में अभियोजक विपुल कुमार राघव, मॉनीटरिंग सेल प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह, पैरोकार कांस्टेबल मुकेश और कोर्ट मुहर्रिर विकास कुमार की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। पुलिस विभाग ने इस सफलता को कानून व्यवस्था के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया है।
यह फैसला अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है। 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के माध्यम से पुलिस की प्रभावी पैरवी का ही परिणाम है कि पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है।"
बुलंदशहर पुलिस विभाग