जहांगीराबाद। बीते शुक्रवार और शनिवार को दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद जहांगीराबाद का माहौल अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। स्थिति की सं...
जहांगीराबाद। बीते शुक्रवार और शनिवार को दो समुदायों के बीच हुए विवाद के बाद जहांगीराबाद का माहौल अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। प्रशासन किसी भी प्रकार की कोताही बरतने के मूड में नहीं है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी श्रुति शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने खुद कमान संभाल ली है। रविवार को कस्बा चौकी पर जिलाधिकारी और एसएसपी की अध्यक्षता में दोनों समुदायों के संभ्रांत नागरिकों की एक महत्वपूर्ण शांति बैठक आयोजित की गई। अधिकारियों ने उपस्थित लोगों से स्पष्ट कहा कि जहांगीराबाद हमेशा से भाईचारा व सौहार्द की मिसाल रहा है, उसकी फिजा बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी ईद पर्व का हवाला देते हुए प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की। शांति बैठक के तुरंत बाद डीएम और एसएसपी ने भारी पुलिस बल के साथ प्रभावित इलाकों में पैदल मार्च (फ्लैग मार्च) किया। अधिकारियों ने घटनास्थल पर जाकर बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम प्रियंका गोयल और सीओ विकास प्रताप सिंह ने अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी और अब तक की गई कार्रवाई से अवगत कराया। दो दिनों तक चले तनाव के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कई उपद्रवियों को हिरासत में ले लिया है। वर्तमान में क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।शांति व्यवस्था बनाए रखने की इस मुहिम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन का साथ दिया। बैठक में पालिकाध्यक्ष किशनपाल सिंह लोधी, पूर्व चेयरमैन सूरजभान माहुर, पूर्व सभसाद नईम अंसारी, सपा नगराध्यक्ष हसीन सैफी, खालिद अंसारी, सुल्तान अंसारी व सभासद बंटी सहित दोनों पक्षों के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
"कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी शरारती तत्व को छोड़ा नहीं जाएगा। पुलिस स्थिति पर नजर रखे हुए है और अब तक कई आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।"
— प्रशासनिक वक्तव्य