जहांगीराबाद। शिक्षा के क्षेत्र में यूजीसी (UGC) द्वारा लाए गए नए नियमों और कथित "काले कानूनों" के विरोध में आज जहांगीराबाद के अनूपशहर बाईपास स्थित जवाहर लाल चौक की सड़कों पर सवर्ण समाज का भारी आक्रोश ...
जहांगीराबाद। शिक्षा के क्षेत्र में यूजीसी (UGC) द्वारा लाए गए नए नियमों और कथित "काले कानूनों" के विरोध में आज जहांगीराबाद के अनूपशहर बाईपास स्थित जवाहर लाल चौक की सड़कों पर सवर्ण समाज का भारी आक्रोश देखने को मिला। सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों और स्थानीय युवाओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर बुलंद आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यूजीसी द्वारा लागू किए जा रहे नए नियम सवर्ण समाज के मेधावी छात्रों के हितों पर कुठाराघात हैं। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने निम्नलिखित बिंदुओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि नए नियमों से सामान्य वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए अवसर सीमित हो जाएंगे। शिक्षा और रोजगार में आर्थिक आधार पर न्याय होना चाहिए, न कि केवल जातिगत आधार पर होना चाहिए। उच्च शिक्षा और नियुक्तियों में योग्यता की अनदेखी कर आरक्षण के दायरे को अनुचित तरीके से बढ़ाने का विरोध किया गया है। सवर्ण समाज के संगठनों ने नगर के अनूपशहर बाईपास स्थित जवाहर लाल चौक पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी संख्या में लोग बैनर लिए नजर आए, जिन पर "यूजीसी का काला कानून वापस लो" और "प्रतिभा का दमन बंद करो" जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शन की वजह से कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। यूजीसी के काले कानून के खिलाफ हो रहे विरोध को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद रहा ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। सवर्ण समाज संगठनों ने शांतिपूर्ण तरीके से तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इन "काले कानूनों" को वापस नहीं लिया गया या इनमें उचित संशोधन नहीं किया गया, तो यह आंदोलन केवल जहांगीराबाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे देशव्यापी स्तर पर ले जाया जाएगा।