नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लाल किले परिसर से जैन धर्म के एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोने और कीमती पत्थरों से जड़ा कलश चोरी हो गया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आयोजित...
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लाल किले परिसर से जैन धर्म के एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान लगभग 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोने और कीमती पत्थरों से जड़ा कलश चोरी हो गया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी भीड़-भाड़ के दौरान किसी ने मौके का फायदा उठाकर हीरे, पन्नों और माणिक्य से जड़ा यह बहुमूल्य कलश गायब कर दिया। घटना सामने आने के बाद से पुलिस जांच में जुट गई है और लाल किले परिसर की सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है।
चोरी हुआ कलश न केवल अपनी कीमत के कारण खास था, बल्कि इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी गहरा है। जैन धर्म में कलश को शुद्धता, समृद्धि और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में कलश की स्थापना शुभ मानी जाती है और इसे देवत्व का आवाहन करने का माध्यम समझा जाता है। यही कारण है कि इस कलश की चोरी से धार्मिक भावनाओं को भी गहरा आघात पहुंचा है।
कलश का महत्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसे परंपरा और संस्कृति में भी विशेष स्थान प्राप्त है। सोने और रत्नों से जड़ा यह कलश जैन समाज के लिए श्रद्धा का प्रतीक था। इसकी खूबसूरती और भव्यता के साथ-साथ इसमें निहित आस्था ने इसे और अधिक खास बना दिया था।
फिलहाल, पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी दिखाया है कि धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा को और मजबूत करने की आवश्यकता है।