गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के गठन को तीन वर्ष पूरे हो गए हैं। सुरक्षा, सेवा और सुशासन के इन तीन वर्षों में गाजियाबाद पुलिस ने अपराध नियंत्रण, नागरिक-सेवा, तकनीकी सुधार और त्वरित कार्रवाई के ...
गाजियाबाद। पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद के गठन को तीन वर्ष पूरे हो गए हैं। सुरक्षा, सेवा और सुशासन के इन तीन वर्षों में गाजियाबाद पुलिस ने अपराध नियंत्रण, नागरिक-सेवा, तकनीकी सुधार और त्वरित कार्रवाई के क्षेत्र में कई सराहनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ज़ीरो-टॉलरेंस नीति के तहत वर्ष 2022 में कमिश्नरेट की स्थापना की गई थी।
अपराध में भारी गिरावट
आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में जिले में गंभीर अपराधों में उल्लेखनीय कमी आई है।
पुलिस के अनुसार अपराधियों पर लगातार दबाव, त्वरित कार्रवाई और तकनीक आधारित पुलिसिंग इसका मुख्य कारण है।
बीट प्रणाली और आधुनिक विवेचना से पुलिसिंग हुई मजबूत
कमिश्नरेट में 2131 बीट क्षेत्र, 941 बीट एसआई और 1431 बीट अधिकारी नियुक्त किए गए। इससे न केवल जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हुआ, बल्कि अपराधियों की निगरानी भी सुदृढ़ हुई।
साक्ष्य आधारित विवेचना प्रणाली से जांच अधिक पारदर्शी हुई और दोषसिद्धि दर में बढ़ोतरी हुई।
शिष्टाचार नीति और वादी संवाद दिवस
पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए ‘शिष्टाचार संवाद नीति’ लागू की गई।
हर बुधवार आयोजित होने वाले वादी संवाद दिवस में 3859 वादियों को उनके केस की प्रगति से अवगत कराया गया।
ऑपरेशन कन्विक्शन में बड़ी सफलता
गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए कन्विक्शन सेल सक्रिय है।
अब तक 370 मुकदमे चिन्हित, जिनमें से कई में अपराधियों को आजीवन कारावास और कठोर दंड दिलाया गया।
साइबर अपराध पर सख्त नियंत्रण
साइबर थाने में CCIT टीम और हर थाने में साइबर सेल गठित की गई।
एनसीआरपी पोर्टल व 1930 पर मिली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
यू.पी. 112 रेस्पांस टाइम में पूरे प्रदेश में नंबर 1
गाजियाबाद पुलिस लगातार 11 माह से पूरे प्रदेश में सबसे कम रेस्पॉन्स टाइम बनाए हुए है। वर्तमान रेस्पॉन्स टाइम 4.04 मिनट दर्ज किया गया है।
112 पर कॉल करने वाले 88% नागरिकों ने संतुष्टि जताई है।
महिला सुरक्षा व सामाजिक पहल
यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार
01 डीसीपी, 03 एसीपी, 13 इंस्पेक्टर सहित बड़ी टीम तैनात
221 स्थानों पर ट्रैफिक ड्यूटी
24 ट्रैमो मोबाइल, 5 इंटरसेप्टर सक्रिय
300 एनपीआर कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी
सीसीटीवी का विशाल नेटवर्क
शहरभर में 900 नए हाई-क्वालिटी कैमरे लगाए गए। इससे चोरी, स्नैचिंग और लूट जैसे अपराधों में भारी कमी आई है।
अभयस्त अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई
9665 अपराधियों का सत्यापन
5235 पर धारा 129G के तहत कार्रवाई
गैंगस्टर एक्ट में 3,337 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त
347 मुठभेड़ों में कई अपराधी गिरफ्तार/घायल
गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट के तीन वर्षों ने साबित किया है कि आधुनिक पुलिसिंग, तकनीक, जनविश्वास और कठोर कानून—ये सभी मिलकर शहर को सुरक्षित, सुगम और अपराध-मुक्त बना सकते हैं।