गाजियाबाद, 10 सितंबर 2025। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद के आदेश पर थाना विजयनगर पुलिस ने मंगलवार को उत्सव भवन हॉल में थाना क्षेत्र के 100 से अधिक सम्भ्रान्त नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया। इस ...
गाजियाबाद, 10 सितंबर 2025। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट गाजियाबाद के आदेश पर थाना विजयनगर पुलिस ने मंगलवार को उत्सव भवन हॉल में थाना क्षेत्र के 100 से अधिक सम्भ्रान्त नागरिकों के साथ संवाद स्थापित किया। इस बैठक में पार्षद, डॉक्टर, व्यापारी, उद्योगपति, मीडियाकर्मी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, मीडिया इन्फ्लुएंसर और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली नगर एवं प्रभारी निरीक्षक विजयनगर ने उपस्थित जनों को पुलिस कार्यप्रणाली, बीट प्रणाली, सत्यापन प्रक्रिया, साइबर अपराध नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट, किरायेदार या चरित्र सत्यापन के नाम पर किसी भी प्रकार का लाभ लेने की कोशिश करने वाले कर्मियों की सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाए।
थाना विजयनगर पुलिस ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद उसकी प्रति सीधे वादी के घर पर पहुंचाई जा रही है। इस पारदर्शी व्यवस्था की आमजन द्वारा सराहना की जा रही है। पुलिस आयुक्त के आदेशानुसार प्रत्येक थाना प्रभारी सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक शिकायतकर्ताओं की सुनवाई व्यक्तिगत रूप से करेंगे, जिससे त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में यह भी बताया गया कि थाना क्षेत्र में अपराध नियंत्रण हेतु चीता मोबाइल 24 घंटे गश्त कर रही है और प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग थाने के कंट्रोल रूम से होती है। यूपी-112 की पुलिस औसतन 3.30 मिनट में शिकायतकर्ता तक पहुंचकर सहायता प्रदान करती है।
यातायात सुधार हेतु विजयनगर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अब तक 1200 अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। साइबर अपराध के मामलों में भी थाना विजयनगर सक्रिय है और अब तक ₹3,14,129 की धनराशि फ्रीज कर पीड़ितों को वापस कराई गई है। प्रत्येक बुधवार साइबर अवेयरनेस प्रोग्राम भी आयोजित किया जाता है।
महिला सुरक्षा के लिए पिंक बूथ स्थापित किए गए हैं जहां पीड़िताएं तुरंत सहायता प्राप्त कर सकती हैं। इसके अलावा "ऑपरेशन कन्विक्शन" के तहत टॉप-50 अपराधियों के मुकदमों में प्रभावी पैरवी कर सजा दिलाई जा रही है।
बैठक के अंत में सम्भ्रान्त नागरिकों ने गाजियाबाद पुलिस की इस कार्यप्रणाली की प्रशंसा की और आश्वासन दिया कि इस व्यवस्था का प्रचार-प्रसार समाज में किया जाएगा।