फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह पर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सदर कोतवाली पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम ने सोमवार को छापेमारी कर गिरोह के चार और सदस्...
फर्जी गेमिंग ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह पर पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सदर कोतवाली पुलिस और एसआईटी की संयुक्त टीम ने सोमवार को छापेमारी कर गिरोह के चार और सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें मास्टरमाइंड हफीज का भाई भी शामिल है, जिसे कोर्ट में पेशी के दौरान ही पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में अलीगढ़ का मनमोहित, देवरिया का सत्यम चौबे और कुशीनगर का आशीष प्रताप शामिल हैं। जांच में पता चला है कि ये सदस्य गिरोह के पैनल और किट होल्डरों का काम देखते थे। इनके जरिए ही लोगों को नकली ऐप पर रजिस्ट्रेशन कराकर रकम जमा कराई जाती थी। शुरुआत में थोड़ी राशि वापस करके भरोसा जीता जाता और फिर धीरे-धीरे लाखों की ठगी की जाती थी।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि गिरोह का नेटवर्क उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के जबलपुर तक फैला हुआ है। वहां भी बैंक खातों के जरिए पैसों की हेराफेरी की जाती थी। अब तक पुलिस को करोड़ों रुपये की मनी-ट्रेल के सबूत मिले हैं।
इस मामले में अब तक 15 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और कई बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड हफीज अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई गई है।
साइबर पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि किसी भी संदिग्ध गेमिंग या निवेश ऐप पर भरोसा न करें, खासकर जब जल्दी मुनाफे का लालच दिया जाए। किसी भी संदिग्ध लिंक या ऐप की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर सेल को देने की अपील की गई है।